चेतन्य धार्मिक नृत्य प्रतियोगिता तथा स्कूलों में योगा व ट्रैफिक नियमों की जानकारी स्कूलों से शुरू हो, केन्द्रीय सरकार से मांग….
पंचकूला – हिंद संग्राम परिषद् रजि उतरीभारत की महत्वपूर्ण बैठक सेक्टर-11, पंचकूला में परिषद के प्रमुख फाउंडर एवं समाजसेवी विक्रांत बाबाजी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समाजहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया तथा भविष्य में सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने का दचनिर्णय लिया गया।
परिषद नार्थजोन के अध्यक्ष एडवोकेट जगपाल सिंह तथा संगठन महासचिव सुधीर मिड्ढा ने कहा कि परिषद द्वारा स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा विभाग से लिखित में मांग की जाएगी कि स्कूलों में योगा के साथ-साथ विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के लिए विशेष पीरियड शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बचपन से ही यातायात नियमों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। ताकि बढ़ती यातायात दुर्घटनाओं पर रोकथाम लग सके।
परिषद के उपाध्यक्ष अवतार सैणी तथा सचिव डॉ. सीमा गुप्ता ने युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं में सामाजिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक डांस तथा ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही युवाओं को परिवार और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने के विषय पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
परिषद के सलाहकार एडवोकेट दिनेश चतरथ, प्रेस सचिव हरकेश ऐरी तथा किशोर वर्मा ने कहा कि परिषद द्वारा गौ-ग्रास सेवा रथ फिर से शुरू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सेवा और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
वित्त सचिव निष्काम चतरथ, संगठन सचिव माता हर्ष वाला व अमित गोयल ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर कहा कि परिषद द्वारा “एक पौधा शहीदों के नाम” अभियान के साथ-साथ त्रिवेणी पौधारोपण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिषद के सदस्यों और उनके परिवारों को भी इन अभियानों से जोड़ा जाएगा। बैठक में यह भी विचार रखा गया कि परिषद के सदस्यों एवं उनके परिवारों की सहभागिता से समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक आयोजन किए जाएं, जिससे आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता मजबूत हो। इसके साथ ही बसों के माध्यम से तीर्थयात्राओं का आयोजन करने पर भी चर्चा हुई, ताकि सदस्य एक-दूसरे के साथ जुड़कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक हो सकें।
बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, युवा जागरूकता, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।


