नर्सिंग ऑफिसर से मारपीट मामले में FIR दर्ज; सुरक्षा एवं स्पष्ट SOP की मांग को लेकर नर्सिंग स्टाफ कल से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगा….
सेक्टर-16 अस्पताल के PN-1 में दिनांक 22 सितंबर 2026 को ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ के साथ हुई मारपीट के मामले में आज पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की गई।
आज सेक्टर-17 थाना से श्री धरमपाल जी मामले की जांच के लिए सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचे तथा पीड़ित नर्सिंग स्टाफ को FIR की प्रति उपलब्ध कराई गई। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121(1), 132 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसी मामले को लेकर आज UT Nursing Staff Union द्वारा General Body Meeting (GBM) आयोजित की गई, जिसमें नर्सिंग कैडर के कर्मचारियों ने अस्पताल में ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
GBM में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 26 सितंबर 2026 से नर्सिंग कैडर के सभी कर्मचारी काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करेंगे। यह प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।
यूनियन की प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें
1. प्रत्येक कार्य क्षेत्र में पर्याप्त Security Guard की उपलब्धता
अस्पताल के सभी संवेदनशील एवं कार्यरत क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्र व्यवहार की स्थिति में तत्काल सुरक्षा मिल सके।
2. Healthcare Workers के साथ हिंसा की घटना के लिए स्पष्ट Hospital SOP/Protocol
अस्पताल स्तर पर एक स्पष्ट SOP/प्रोटोकॉल बनाया जाए, जिसमें यह निर्धारित हो कि किसी स्वास्थ्यकर्मी के साथ मारपीट, धमकी, verbal abuse या अन्य हिंसक घटना होने पर:
पीड़ित कर्मचारी तुरंत किस अधिकारी/हेल्पलाइन को सूचित करेगा;
मेडिकल परीक्षण की व्यवस्था कौन करेगा;
पुलिस को सूचना एवं FIR की प्रक्रिया कौन सुनिश्चित करेगा;
पीड़ित कर्मचारी को कानूनी सहायता एवं प्रशासनिक सहयोग कौन उपलब्ध कराएगा।
यूनियन का कहना है कि किसी भी पीड़ित कर्मचारी को घटना के बाद सहायता एवं न्याय के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
3. अस्पताल में IEC Material के माध्यम से कानूनी प्रावधानों की जानकारी
अस्पताल के प्रमुख स्थानों पर IEC (Information, Education & Communication) material प्रदर्शित किया जाए, जिसमें स्पष्ट रूप से बताया जाए कि स्वास्थ्यकर्मी के साथ verbal abuse, physical assault, धमकी या criminal force का प्रयोग करने पर लागू कानून के अंतर्गत क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसका उद्देश्य मरीजों एवं उनके परिजनों को उनके अधिकारों के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के कानूनी संरक्षण के बारे में जागरूक करना है।
यूनियन ने प्रशासन को दी सूचना
इन तीनों मांगों के संबंध में UT Nursing Staff Union द्वारा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि नर्सिंग स्टाफ का शांतिपूर्ण विरोध 26 सितंबर 2026 से काली पट्टी बांधकर शुरू होगा।
यूनियन ने कहा कि उसका उद्देश्य अस्पताल की सेवाओं को बाधित करना नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है। नर्सिंग स्टाफ मरीजों की सेवा एवं अपनी नियमित ड्यूटी जारी रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करेगा।
यदि 15 दिनों के भीतर यूनियन की इन मांगों पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो UT Nursing Staff Union के साथ-साथ अस्पताल की अन्य यूनियनों के साथ विचार-विमर्श कर आंदोलन को आगे बढ़ाने के संबंध में अगला निर्णय लिया जाएगा।


