कांग्रेस सांसदों के एमडीआर समर्थन का भाजपा का दावा झूठा है: मनीष तिवारी….
चण्डीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि जनता अपना पैसा अपने बैंक खाते में रखती है, और बैंक हर दिन उस पैसे पर मुनाफा कमाता है। अब जब जनता अपनी ज़रूरत की चीज़ों पर वही पैसा खर्च करना चाहती है, तो मोदी सरकार उसमें से भी अपना हिस्सा चाहती है। इसे वे एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट कहते हैं। असल में यह जनता पर उनके अपने ही पैसे इस्तेमाल करने पर लगाया गया टैक्स है, और इसका ज़्यादातर फ़ायदा अमीर अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा। यही कारण है कि मोदी सरकार द्वारा यूपीआई पर लगाया गया यह एमडीआर न केवल जन विरोधी है, बल्कि देश के हितों को बेचने जैसा एक देश विरोधी कदम भी है।
उन्होंने कहा कि अपने इस जन विरोधी कदम पर पर्दा डालने के लिए मोदी सरकार अब एक झूठा और भ्रामक प्रचार कर रही है कि पार्लियामेंट की स्टैंडिंग कमेटी फाईनैंस में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी समेत कुछ सांसदों ने एमडीआर का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। सांसद गौरव गोगोई इस झूठ का जवाब देते हुए पहले ही विस्तृत बयान दे चुके हैं, और चण्डीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने भी मीडिया से बात करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट कर भाजपा के इस आशय के बयान को गलत और भ्रामक बताया है।
तिवारी ने कहा: “मेरा ध्यान संसदीय वित्त स्थायी समिति के अध्यक्ष के एक बयान की ओर आकर्षित किया गया है। उसमें कहा गया है कि कुछ विपक्षी सदस्यों ने यूपीआई और रुपे भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि यह बयान पूरी तरह गलत है, भ्रामक है और बिल्कुल सही नहीं है।
वित्तीय सेवा विभाग ने सिर्फ इतना कहा था कि हम यह देख रहे हैं कि इस प्रणाली को कैसे आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
समिति के सामने कभी भी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया। न तो कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा तय की गई, न ही कोई छूट पर चर्चा हुई।
यहाँ तक कि इस सिद्धांत पर भी कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया जाए या नहीं, सदस्यों के बीच मतभेद थे।
इसलिए यह कहना या कुछ सदस्यों के नाम पर यह साबित करने की कोशिश करना कि समिति ने इस एमडीआर का समर्थन किया था, सरकार का पूरी तरह हताशा भरा प्रयास है।”
राजीव शर्मा
मुख्य प्रवक्ता, चण्डीगढ़ कांग्रेस


