चंडीगढ़ में शिक्षकों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: प्रशासन को दो टूक—अब वादे नहीं, चाहिए अधिकार…..
जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स, यूटी चंडीगढ़ के आह्वान पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने लंबित मांगों के समर्थन में सेक्टर-17 परेड ग्राउंड में विशाल शक्ति प्रदर्शन किया जिसकी गूंज गवर्नर हाउस तक पहुची।
इस प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ (BMS) चंडीगढ़ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री श्री निरंजन कुमार जी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी जायज़ मांगों के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।उन्होंने विशेष रूप से गेस्ट एवं कॉन्ट्रैक् शिक्षकों तथा कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर जोर देते हुए प्रशासन से मांग की कि लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों एवं शिक्षकों को शीघ्र नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को लगातार अस्थिरता में रखना न्यायसंगत नहीं है।
साथ ही, उन्होंने रेगुलर शिक्षकों की छुट्टियों से संबंधित उत्पन्न हुए विवाद एवं समस्याओं को भी गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से मांग की कि इनका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि शिक्षकों को उनके वैध सेवा एवं अवकाश संबंधी अधिकारों का लाभ मिल सके।
इस प्रदर्शन को चंडीगढ़ यूटी एसएस फेडरेशन, यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लॉइज यूनियन, गवर्नमेंट टीचर यूनियन तथा चंडीगढ़ सिटी ब्यूटीफुल टीचर्स एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त हुआ।
कमेटी ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगों को तत्काल पूरा करने का आग्रह किया:
1. 1 अप्रैल 2022 से देय हाफ पे लीव को बहाल किया जाए।
2. यूटी कैडर के शिक्षकों के Recruitment Rules को अंतिम रूप देकर पदोन्नति के अवसर प्रदान किए जाएं।
3. CL, HPL, चिकित्सा तथा CGHS सुविधाओं में वृद्धि की जाए।
4. डेपुटेशन के स्थान पर UT कैडर के शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की जाए।
5. वाइस प्रिंसिपल के पद स्वीकृत किए जाएं तथा प्रधानाचार्यों की ग्रेड-पे संबंधी विसंगति दूर की जाए।
6. 2015 बैच के शिक्षकों के लंबित लाभ जारी किए जाएं।
7. गेस्ट एवं कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों का लंबित 58% और 60% DA तथा SSA शिक्षकों का 60% DA जारी किया जाए।
8. गेस्ट, कॉन्ट्रैक्ट और SSA शिक्षकों का नीति एवं न्यायालय के निर्णयों के अनुरूप नियमितीकरण किया जाए।
9. SSA वोकेशनल टीचर्स, STT शिक्षकों और काउंसलर्स को नौकरी की सुरक्षा तथा 12 माह का वेतन प्रदान किया जाए।
10. वोकेशनल शिक्षकों एवं इंस्ट्रक्टर्स को मातृत्व लाभ तथा वार्षिक वेतन वृद्धि प्रदान की जाए।
11. CRC और URC स्टाफ का वेतन TGT शिक्षकों के समान किया जाए।
12. STC शिक्षकों का न्यूनतम वेतन ₹21,000 प्रतिमाह निर्धारित किया जाए।
13. एडेड स्कूलों में सेवा शर्तें, सेवानिवृत्ति आयु एवं अन्य लाभ सुनिश्चित करते हुए Grant-in-Aid Act एवं Rules लागू किए जाएं।
14. चंडीगढ़ के नागरिकों के लिए सरकारी नौकरियों में 50% कोटा आरक्षित किया जाए।
15. वित्त सचिव को उनके मूल कैडर में वापस भेजकर उपयुक्त UT कैडर के IAS अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
16. वित्त सचिव के कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों तथा संपत्तियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
प्रधान रणबीर राणा व महासचिव शिव मूरत यादव ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता, नौकरी की सुरक्षा और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
जारीकर्ता:
शिव मूरत यादव
महासचिव
जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स ।
M.7696280841


