मोहाली कैंपस-1 में अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता व्याख्यान आयोजित….
मोहाली, 13 फरवरी 2026: I.K. Gujral Punjab Technical University, मोहाली कैंपस-1 में विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण जागरूकता एवं सतत जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस सत्र का संचालन N.K. Jhingan, सचिव, Environmental Society of India द्वारा किया गया। श्री झिंगन ने प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन की रणनीतियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आदतें अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने जैविक कचरे के कम्पोस्टिंग (खाद निर्माण) की व्यावहारिक विधियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि रसोई एवं जैव-अवक्रमणीय अपशिष्ट जैसे सब्जियों के छिलके, फलों के अवशेष और बचा हुआ भोजन पोषक तत्वों से भरपूर खाद में परिवर्तित किए जा सकते हैं। उन्होंने स्रोत स्तर पर गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों को घरों और छात्रावासों में कम्पोस्टिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे को कम किया जा सके।
एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए श्री झिंगन ने विद्यार्थियों को कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करने, डिस्पोज़ेबल बोतलों और कटलरी से बचने तथा पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) एवं पुनः उपयोग की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार उपभोग और उचित कचरा पृथक्करण पर्यावरणीय सततता की दिशा में आवश्यक कदम हैं।
वक्ता ने विद्यार्थियों को वृक्षारोपण अभियानों एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने समझाया कि अधिक से अधिक पेड़ लगाना कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को कम करने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने तथा पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।
यह सत्र संवादात्मक एवं प्रेरणादायक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए सतत जीवनशैली से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे और मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस व्याख्यान से कचरा पृथक्करण, कम्पोस्टिंग और प्लास्टिक उपयोग में कमी के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जो Monika Sachdeva, निदेशक, मोहाली कैंपस-1 द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विशेषज्ञ वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लागू कर स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।


