पल-पल दिल के पास… जब कराओके ने जगा दी सदाबहार सुरों की यादें…
चंडीगढ़, 27 जनवरी 2026: टैगोर थिएटर के मिनी थिएटर में द हिडन टैलेंट वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा कराओके – सदाबहार फिल्मी गीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ट्रस्ट की फाउंडर व आयोजक वीना सोफ्त के मार्गदर्शन में सजी यह संगीतमय महफिल हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर को समर्पित रही। यह शाम उन संगीत प्रेमियों के लिए किसी यादों भरी रेलयात्रा से कम नहीं थी, जो आज भी पुराने गीतों में अपनी भावनाओं की प्रतिध्वनि सुनते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व एस.पी. रोशन लाल तथा चंडीगढ़ प्रशासन के पूर्व अधीक्षण अभियंता (विद्युत) रणजीत सिंह, डॉ राजू धीर; हरियाणा अटॉर्नी एन. के. शर्मा; चंडीगढ़ प्रशासन के पूर्व मुख्य अभियंता सह विशेष सचिव मुकेश आनंद की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर वीवीआईपी अतिथि परमोद शर्मा, देविंदर भोला, स्टार आर्टिस्ट नंदकिशोर, पंकज वर्मा, रिपुदमन सिंह राठौर और विशेष अतिथि संजय शर्मा, गुलशन सोनी डॉ. आरती चोपड़ा बेदी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक वीना सोफ्ट ने सरस्वती वंदना से की। इस मौके पर संजय शर्मा, रेखा शर्मा, विशाल, विनय ने उनका साथ दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वीना सोफ्त की भावपूर्ण प्रस्तुति ‘ए दिल मुझे बता दे’ से हुई, जिसने पूरे सभागार में सुकून और आत्मीयता की लहर दौड़ा दी। इसके बाद कलाकारों ने एक के बाद एक सदाबहार नग़मों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। लिली गुप्ता और वीना सोफ्त ने ‘पल-पल दिल के पास’, बी.बी. अरोड़ा ने ‘ना झटको जुल्फ़ से पानी’, अनामिका ने ‘रात का समा’, अरुणा सैनी ने ‘पिया ऐसे जिया में’, रविंद्र सिंह दहिया ने ‘देखो वीर जवानों’, एन. के. शर्मा ने ‘नज़र के सामने जिगर के पास’, डॉ. आरती चोपड़ा बेदी ने ‘आँखों से जो उतरी है दिल में’, मुकेश आनंद ने ‘बेकरार करके हमें यूँ’, बलविंदर लूथरा ने ‘ये रेशमी जुल्फ़ें’, रोशन लाल ने ‘हम तुम्हें चाहते हैं’ और दीपक राखी ने ‘चला जाता हूँ किसी की धुन में’ जैसे गीतों से समां बाँध दिया।
कार्यक्रम में 40 से अधिक सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियाँ दी गईं। शौकिया गायकों ने किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर और आशा भोंसले जैसे महान गायकों के अमर गीतों को अपनी आवाज़ में जीवंत किया। ‘है अपना कहूँ एक बात’ जैसे गीतों ने श्रोताओं को दशकों पीछे ले जाकर भावनाओं से भर दिया।
आयोजक वीना सोफ्त ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शौकिया गायकों को एक जीवंत मंच देना है, ताकि वे अपने भीतर छिपे हुनर को निखार सकें और संगीत के माध्यम से आत्म-अभिव्यक्ति कर सकें। कार्यक्रम का सधे हुए अंदाज़ में संचालन रेखा शर्मा, संजय शर्मा ने किया। कार्यक्रम में जयदीप ने संगीत संयोजन (अरेंजमेंट) संभाला।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को आयोजकों की ओर से सम्मानित किया गया।


