निगम के अन्तिम महापौर के चुनाव शीघ्र कराएं जाएं – कांग्रेस….
चंडीगढ़ कांग्रेस ने नगर निगम के इस साल के मेयर चुनाव में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए कहा है कि चुनाव में और ज़्यादा विलम्ब होने से निगम के पांचवे और आखिरी मेयर के कार्यकाल में काफी कमी आ आएगी। उल्लेखनीय है कि अभी तक चुनाव की अधिसूचना भी जारी नहीं हो सकी है।
चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा के अनुसार, पंजाब नगर निगम कानून (चंडीगढ़ तक विस्तार) अधिनियम, 1994 की धारा 7(1) के तहत यह अनिवार्य है कि मौजूदा निगम का कार्यकाल उसकी पहली बैठक के पांच साल पूरे होने के बाद एक दिन के लिए भी नहीं बढ़ाया जा सकता। चूंकि मौजूदा निगम की पहली बैठक 08.01.2022 को पहला मेयर को चुनने के एजेंडे पर हुई थी, इसलिए यह कानूनी ज़रूरत है कि सातवें निगम के गठन की पूरी प्रक्रिया 07 जनवरी, 2027 या उससे पहले तक पूरी हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे सुनिश्चित करने के लिए, सातवें निगम के गठन के लिए चुनावों की अधिसूचना इस साल नवंबर के आखिर या दिसंबर की शुरुआत में करनी पड़ेगी। इसलिए, नए मेयर के चुनाव में अब और देरी किए जाने से पांचवे मेयर का कार्यकाल और भी कम हो जाएगा, जिससे नए मेयर के काम करने की क्षमता पर काफी बुरा असर पड़ सकता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने अंदेशा व्यक्त किया कि चुनाव में और ज़्यादा देरी करने से खरीदो-फ़रोख्त करने वाली पार्टियों को हॉर्स-ट्रेडिंग करने के नए मौके भी मिल सकते हैं, जैसा कि शहरवासियों ने कुछ दिन पहले देखा था, जब आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुने गए दो पार्षद भाजपा में शामिलहो गए थे।
चंडीगढ़ कांग्रेस ने चुनाव अधिकारियों से मौजूदा नगर निगम में आखिरी मेयर चुनाव जल्द से जल्द कराने का आग्रह किया है, ताकि मौजूदा नगर निगम के अन्तिम वर्ष का कामकाज सही ढंग से चल सके
राजीव शर्मा, मुख्य प्रवक्ता चंडीगढ़।


