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विवेक हाई स्कूल के बच्चों ने वार्षिक प्रस्तुति ‘इकोज़ ऑफ़ द अर्थ’ में बिखेरी चमक….

मोहाली, 3 दिसंबर 2025: विवेक हाई स्कूल, मोहाली के मॉन्टेसरी टॉडलर्स और एनवायरनमेंट्स के नन्हे बच्चों ने अपनी वार्षिक प्रस्तुति ‘इकोज़ ऑफ़ द अर्थ’ पेश की। इस कार्यक्रम की पूरी संकल्पना और प्रस्तुति बच्चों ने खुद तैयार की। स्कूल का कैंपस प्रकृति के रंग और ऊर्जा से भर उठा, जहां बच्चों ने पशु-जगत के माध्यम से पर्यावरण बचाने का सुंदर संदेश दिया।

कार्यक्रम की कहानी ‘वेब ऑफ लाइफ’ को दिखाती हुई आगे बढ़ी। शुरुआत अकशेरुकी जीवों से हुई, और फिर बच्चों ने पांच तरह के कशेरुकी जीवों की दुनिया दिखाई। उन्होंने खाद्य-श्रृंखला और सभी जीवों की परस्पर निर्भरता को सरल और सुंदर तरीके से समझाया। अंत में बच्चों ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि सभी जीव आपस में जुड़े हैं और पृथ्वी की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है।

विवेक हाई मॉन्टेसरी इंस्टीट्यूट, चंडीगढ़ की फाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मीनू साही ने बताया कि मोंटेसरी पद्धति एक वैज्ञानिक तरीका है, जो बच्चे को स्वतंत्र रूप से सीखने और अपने प्राकृतिक विकास का सम्मान करना सिखाती है। उन्होंने कहा कि विवेक हाई स्कूल में बच्चे हाथों-से-सीखने और मिलकर काम करने के माध्यम से संपूर्ण विकास करते हैं। वार्षिक प्रस्तुति इस बात का प्रमाण है कि बच्चे खुद विषय चुनते हैं, समझते हैं और आत्मविश्वास से सबके सामने प्रस्तुत करते हैं।

जूनियर विंग की हेड मीनाक्षी मदान ने बताया कि मॉन्टेसरी तरीका बच्चों की जिज्ञासा पर भरोसा करता है और उन्हें अपने ही ढंग से दुनिया को समझने की आज़ादी देता है। इससे बच्चे न सिर्फ ज्ञान पाते हैं बल्कि जरूरी कौशल भी सीखते हैं, जैसे स्पष्ट रूप से बोलना, संवेदनशील होना और दूसरों की परवाह करना।

प्रिंसिपल जसविंदर गंधोक ने बच्चों और शिक्षकों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने डॉ. मॉन्टेसरी के विचार का ज़िक्र किया कि “बच्चे का मन भरने का पात्र नहीं, बल्कि प्रज्वलित करने वाली ज्योति है।” उन्होंने कहा कि नाटक बच्चों को गहराई से सीखने का शानदार तरीका है। जब बच्चे पशुओं का रूप बनकर उनकी आवाज़ बने, तो वे केवल पढ़ नहीं रहे थे बल्कि असली समझ प्राप्त कर रहे थे। उन्होंने कहा — “हमारे बच्चों ने सिर्फ पर्यावरण के बारे में नहीं सीखा, उन्होंने सच में महसूस किया कि दुनिया की जिम्मेदारी क्या होती है।”

बच्चों के आत्मविश्वास, कला और भावनात्मक संदेश ने सभी का दिल जीत लिया। प्रबंधन, शिक्षक और अभिभावकों ने प्रस्तुति की खूब सराहना की। नन्हे कलाकारों ने याद दिलाया कि पृथ्वी की रक्षा करना हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी है।