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पारस हेल्थ, पंचकूला ने डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए सावधानी बरतने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाने की दी सलाह…..

पंचकुला, 29 अगस्त 2024 : पंचकूला में डेंगू के केस बढ़ रहे हैं। अब तक जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 100 से ज़्यादा केस सामने आ चुके हैं। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से ज़्यादातर केस (लगभग 70 केस) पिंजौर के सूरजपुर इलाके और पंचकूला शहर के शहरी क्षेत्रों में मिले हैं। अब पारस हेल्थ पंचकुला में भी डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पारस हेल्थ ने आम जनता को बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पारस हेल्थ पंचकूला में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. विनय वर्मा ने कहा, “हमने डेंगू के केसों में लगातार वृद्धि देखी है, खासकर सूरजपुर क्षेत्र और पंचकूला के शहरी इलाकों में इस तरह के केस ज्यादा मिल रहे हैं। औसतन हम हर दिन डेंगू के लक्षणों वाले 100 से ज्यादा नए मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इनमें से कई केस शुरुआती स्टेज में हैं, हम गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को भी देख रहे हैं। ऐसे मरीजों को बारीकी से निगरानी करने और कुछ केसों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। हम लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे निवारक उपाय को अमल में लायें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।”

डेंगू बुखार एक सिस्टेमिक वायरल बीमारी है जिसके लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक होते हैं। बीमारी की शुरुआत अचानक होने के साथ ही इन्क्यूबेशन पीरियड आम तौर पर 5 से 7 दिनों तक रहता है। ज्यादातर नज़र आने वाले लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, रेट्रो-ऑर्बिटल दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी और दाने आना शामिल हैं। ये लक्षण आम तौर पर 2 से 7 दिनों तक बने रहते हैं। डेंगू की यह बीमारी तीन स्टेज- पहला ज्वर (फेब्रील),दूसरा गंभीर (क्रिटिकल) और तीसरा रिकवरी से होकर गुजरती है।
डेंगू बुखार के मैनेजमेंट में मुख्य रूप से सिम्पटोमेटिक और सपोर्टिव केयर शामिल है। एक्यूट फेज के दौरान बिस्तर पर आराम करना बहुत जरूरी होता है, शरीर के तापमान को 38.5 डिग्री सेल्सियस से कम बनाए रखने के लिए ठंडे या गुनगुने स्पंजिंग की सलाह दी जाती है। बुखार को कम करने और शरीर के दर्द को कम करने के लिए पैरासिटामोल खाने की सलाह दी जाती है, और मरीजों को फलों के रस, नारियल पानी, चावल का पानी, जौ का पानी और ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन जैसे तरल पदार्थों का सेवन करके अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहने की कोशिश करनी चाहिए। सबसे जरूरी बात कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और शुगर वाले ड्रिंक्स को नहीं पीना चाहिए।
डॉ विनय वर्मा, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, ने संकेतों को पहचानने पर जोर दिया, क्योंकि अगर इन्ही संकेतों को जल्दी नहीं पहचाना गया तो अक्सर गंभीर डेंगू होता है। इन संकेतों में खून बहना, लगातार उल्टी होना, तेज पेट दर्द होना और साँस लेने में कठिनाई होना शामिल है। इस बारे में उन्होंने कहा, “बुखार उतरने के फेज के दौरान इन लक्षणों की निगरानी करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस फेज के दौरान बढ़ी हुई कैपिलरी पेर्मेबिलिटी गंभीर जटिलताओं को पैदा कर सकती है, विशेष रूप से सेकेण्डरी डेंगू संक्रमण में ऐसा हो सकता है। अगर इनमें से कोई भी चेतावनी के संकेत दिखते है, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना बहुत जरूरी होता है।”
पारस हेल्थ पंचकूला ने हॉस्पिटल में भर्ती होने के लिए विशेष मानदंड स्थापित किए हैं, जिसमें चेतावनी के संकेत, हाइपोटेंशन, लगातार हाई ग्रेड का बुखार रहना और ऑर्गन इम्पेयार्मेंट आदि शामिल है। ओरल फ्लुइड्स पदार्थ को सहन करने में असमर्थ होना या डीहाइड्रेशन के लक्षण दिखना, जैसे चक्कर आना या आसन संबंधी हाइपोटेंशन में भी अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता हो सकती है।
डेंगू को फैलने से रोकने के लिए पारस हेल्थ लोगों से अपने घरों में और उसके आस-पास मच्छरों के पैदा होने वाली जगहों को साफ़ करने या ख़त्म करने का आग्रह करता है। निवारक उपायों में नियमित रूप से उन क्षेत्रों का निरीक्षण करना शामिल है जहाँ पानी जमा हो सकता है, जैसे कि गमले, कंटेनर और नालियाँ आदि। इसके अलावा मच्छर भगाने वाली दवाइयाँ, लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनना और खिड़कियों और दरवाजों को बंद करना मच्छरों के काटने के ख़तरे को काफी हद तक कम कर सकता है।
डेंगू के केसों की बढ़ती संख्या के साथ ख़ास करके सूरजपुर और शहरी पंचकूला जैसे ज्यादा ख़तरे वाले क्षेत्रों में पारस हेल्थ पंचकूला समाज के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए व्यापक देखभाल और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बीमारी के सही ढंग से मैनेजमेंट के लिए प्रारंभिक पहचान और शीघ्र इलाज बहुत जरूरी है। पारस हेल्थ पंचकुला किसी भी चिंता या लक्षण के लिए व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल जाने या अपने डॉक्टर से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित करता है।