क्या भगवान राम सिर्फ अमीरों के, DC रेट व ठेकेदारी प्रथा पर कार्य करने वाले सभी गरीब कर्मचारियों को दीपावली बोनस अभी तक क्यों नहीं दीया गया ?? : एडवोकेट विवेक हंस गरचा…
चंडीगढ़. न्यू कांग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो एडवोवेट विवेक हंस गरचा ने जारी प्रैस विज्ञाप्ति द्वारा कहा कि चंडीगढ़ में डी.सी रेट व ठेकेदारी प्रथा पर लगभग 20 हजार कर्मचारी मेहनत और ईमानदारी से स्थाई कर्मचारियों के साथ पिछले कई-कई सालों से अपना कार्य कर रहे है । इन सभी कर्मचारियों को नजरअंदाज करते हुए उच्च – नीच की भावना रखने वाले अफसरों द्वारा मात्र रेगुलर कर्मचारियों को ही 7000/- रु बोनस दिया गया है। एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि सावधान याद रखना गरीबों को सताने वाला कभी खुश नही रहा और तुम अवसरवादी अफसर सत्ताधारी सरकारों की शह पर गरीबों के हकों का हनन कर उनके अधिकारों का शोषण कर रहे हों। एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि याद रखना जनता अगर भूखी हो तो सिंहासन भी खा जाती है । डी.सी रेट व ठेकेदारी प्रथा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का वेतन बहुत कम है जिससे उनका और उनके परिवारों का गुजरा बहुत मुश्किल से होता है । लेकिन अफ़सोस DC रेट व ठेकेदारी प्रथा पर कार्य करने वाले सभी गरीब कर्मचारियों को दीपावली बोनस चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा अभी तक नहीं दिया गया।

चंडीगढ़ PGI में केंद्रीय सरकार के तहत काम कर रहे ठेकेदारी प्रथा पर सभी कर्मचारियों को दीवाली पर बोनस दिया गया। लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन के तहत काम कर रहे किसी भी ठेकेदारी प्रथा के कर्मचारी को बोनस नहीं दिया गया | चंडीगढ़ में भी केंद्रीय सरकार के नियमो के तहत ही कार्य किया जाता है।
न्यू कांग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भेदभाव की भावना त्याग कर इन सभी कर्मचारियों को केंद्रीय सरकार के पैटर्न पर लाभ दिया जाए जिससे इन गरीब कर्मचारियों का भला हो सके अन्यथा चंडीगढ़ सांसद,उपायुक्त एवम् चंडीगढ़ प्रशासनिक सलाहकार नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें। क्योंकि वे आज तक गरीबों के हकों के लिए कुछ नहीं कर पाए । एस्टेट ऑफिस से बिना किसी वजह, बिना किसी नोटिफिकेशन, बिना किसी इंटीमेशन हाल ही में 2017 से 2023 तक के ठेकेदार के पास कार्य कर रहे 5 कर्मचारियो को नौकरी से निकाल कर दीपावाली का तोफा दिया। उपायुक्त साहिब चाहते तो उन 5 कर्मचारियों को जिनमें से एक विधवा औरत भी है नौकरी पर वापिस नियुक्त कर सारे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने इंसानियत की मिसाल पेश करते जिससे गरीब के घर में दीपावाली का दीपक जलता। एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि वे नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की लड़ाई न्यायालय में निशुल्क लड़ेंगे। विवेक हंस गरचा ने कहा कि अगर हम आज़ाद हैं तो फिर सरकार व सरकारी गुंडों के तानाशाही रवैया से आज़ादी कब मिलेगी ??
एडवोकेट विवेक हंस गरचा
+919988538929


