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जैन सन्त को अमेरिका के विश्व विद्यालय ने किया सम्मानित…

परम पूज्य श्रमण अनगाराचार्य श्री विनिश्चयसागर जी मुनिराज के परम प्रभावक शिष्य परम पूजनीय श्रुताराधक क्षुल्लक श्री 105 प्रज्ञांशसागर जी महाराज वर्तमान में वर्षायोग 2023 के निमित्त श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर करनाल में विराजमान है।

परम पूज्य क्षुल्लक श्री प्रज्ञांशसागर जी महाराज के जन्म दिवस पर अमेरिका की कैलिफ़ोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी ने क्षुल्लक जी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान कर जैन सन्त को विश्व भर में एक विशिष्ट मान्यता प्रदान की है। ज्ञातव्य रहे क्षुल्लक श्री जी ने श्री भक्ताम्बर स्तोत्र दीपार्चनम्‌ व महावीराष्टक दीपार्चनम् के ज्ञान प्रचार प्रसार में अन्तर्राष्ट्रीय ग्लोबल भक्ताम्बर परिवार के माध्यम से भक्ताम्बर के 48 श्लोकों का बहुत सरल भाषा में विवेचन किया व इनका प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में महत्त्व को समझाया है। क्षुल्लक श्री जी को कैलिफ़ोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी की इस मानद उपाधि श्री दिगम्बर जैन सोसायटी करनाल के तत्त्वाधान में मनाए जा रहे क्षुल्लक जी के 24वे जन्म दिवस के अवसर पर डॉक्टरेट की मानद उपाधि को प्रदान किया। इस उपलक्ष्य में क्षुल्लक श्री जी ने बताया कि —

जो वास्तव में सन्त होगा वह आधी-व्याधि-उपाधि रोगों से रहित होगा। आधी मानसिकता को खराब करती है, व्याधि शारीरिकता को खराब करती है एवं उपाधि नामक रोग मानव के सर्वस्व को खराब कर जीवन को नष्ट-भष्ट कर देती है अतः विज्ञ पुरुष को आधी-व्याधि हो सकती है परन्तु उपाधि नामक रोग कभी नहीं हो सकता मैंने जो ज्ञान प्राप्त किया वह अपने आत्म कल्याण के लिए किया है न कि किसी डिग्री के लिए अतः मुझे लौकिक उपाधियों से कुछ भी लगाव नहीं है। सोसाइटी के अध्यक्ष श्री विरेश जैन ने दोनों डॉ० अतिथियों का शाल, अंग वस्त्र आदि सामग्री भेंट कर सम्मान किया।

करनाल जैन समाज का यह परम सौभाग्य है कि प्रतिदिन क्षुल्लक श्री जी के सानिध्य में इनके श्री मुख से मन्त्रोच्चारण से भगवान का अभिषेक, शान्तिधारा व महामण्डल विधान हो रहे हैं। भगवान से प्रार्थना है कि परम पूज्य क्षुल्लक श्री प्रज्ञांशसागर जी महाराज के रत्नत्रय में उत्तरोत्तर वृद्धि होती रहे व आप दीर्घायु को प्राप्त हो साथ ही आपके निमित्त से इसी प्रकार की धर्म प्रभावना होती रहे।