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मजदूरों व कर्मचारियों ने मिलकर विशाल संख्या में किया पंचकूला उपायुक्त कार्यालय का घेराव..

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मजदूरों व कर्मचारियों के लंबित मांग मुद्दों को लेकर सीटू व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के नेतृत्व में सैकंड़ों की संख्या में मजदूर व कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पंचकूला का घेराव किया व ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों के लंबित मांग मुद्दों को हल करवाने, कृषि कानूनों व श्रम कानूनों पर हमले के विरोध में सैंकड़ों की संख्या में कर्मचारी व मजदूर शहीद स्मारक पार्क सेक्टर 2 में इकट्ठा हुए। इकट्ठा होने के बाद कर्मचारियों व मजदूरों ने प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय के घेराव के लिए कूच किया। उपायुक्त कार्यालय का घेराव सीटू की जिला प्रधान रमा व सर्व कर्मचारी संघ के जिला पंचकूला के प्रधान रामपाल मलिक की अध्यक्षता में किया गया। मंच का संचालन सीटू के जिला सचिव लच्छीराम व सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव विजय पाल सिंह ने किया। सभा को सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव सतीश सेठी ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कारपोरेट जगत के लिए, देश की मेहनतकश जनता के खिलाफ युद्ध जैसे हालात बना रही है। कृषि विरोधी काले कानूनों के साथ-साथ श्रम कानूनों को पूंजीपतियों के हकों में बदला जा रहा है। जनसेवाओं के विभागों का निजीकरण करके अपने चहेते पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जब किसान खेती में तीन कृषि कानूनों को लागू करने की मांग ही नहीं कर रहे तो, केंद्र की भाजपा सरकार जबरदस्ती डंडे के बल पर क्यों लागू कर रही है। किसानों की मांग स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की है। केन्द्र सरकार अगर किसानों को फायदा पहुंचाना चाहती है तो, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाए।
लच्छी राम ने कहा कि निर्माण मजदूरों के लिए बने कल्याण बोर्ड को सरकार पंगु बना रही है। बड़े-बड़े विज्ञापनों के माध्यम से सरकार दावा कर रही है कि निर्माण मजदूरों की बेटी की शादी पर शादी से 3 दिन पहले कन्यादान की राशि निर्माण मजदूरों के खाते में आ जाएगी। लेकिन आज पंचकूला जिले के निर्माण मजदूर सरकार को हकीकत दिखाने के लिए बड़े-बड़े बैनरों के माध्यम से सरकार की हकीकत को दिखा रहे हैं की शादी को 3 साल बीत गए लेकिन कन्यादान के राशि नहीं मिली है। जब से ऑनलाइन हुआ है तब से पंचकूला जिले के निर्माण मजदूरों के खाते में एक रुपए की राशि भी नहीं पहुंची है। अधिकारी मनमर्जी की शर्त लगाकर ऑनलाइन भरे गए फार्म को बिना सूचना के रिजेक्ट कर रहे हैं जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। निर्माण मजदूरों की 90 दिन की वेरिफिकेशन जो पहले यूनियन करती थी। अब उसकी जिम्मेदारी बीडीपीओ पंचायत सचिव व नगर निगम के अधिकारियों को दे दी है। उपायुक्त पंचकूला द्वारा लिखित में चिट्ठी जारी करने के बावजूद भी यह अधिकारी वेरिफिकेशन करने को तैयार नहीं है। जिसके कारण निर्माण मजदूरों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
मुख्य मांगें:-
श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए, ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए, सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों सहित परियोजना वर्करों आशा, मिड-डे-मील, आंगनवाड़ी वर्कर, क्रैच वर्कर्स को पक्का किया जाए,
न्यूनतम वेतन ₹24000 लागू हो, समान काम समान वेतन लागू किया जाए, नई पेंशन स्कीम रद्द करते हुए पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए, निजीकरण पर रोक लगाते हुए सभी विभागों में खाली पड़े पदों पर पक्की भर्ती से भरा जाए, पुरानी एक्स ग्रेशिया पॉलिसी बहाल की जाए, छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर पूरे वेतन व लगातार सेवा के साथ बहाल किया जाए और खेती में लाए गए तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने, श्रम कानूनों में किए गए बदलाव रद्द करने और सार्वजनिक क्षेत्र को बेचने व सिकोड़ने की बजाए विस्तार किया जाए। सकसं के संगठन सचिव श्रवण कुमार जांगड़ा, किसान सभा के जिला प्रधान कर्म चंद, महिला समिति की नेता निर्मला, रणधीर सिंह साथी, रामदेव पटेल, रणधीर राघव आदि कर्मचारी नेताओं ने सभा को संबोधित किया।

जारीकर्ता
लच्छीराम शर्मा
सीटू जिला कमेटी पंचकूला
8901123772