डीएवी पब्लिक स्कूल में ‘कौशल दीपोत्सव 2026’ की धूम, विद्यार्थियों ने नवाचार और रचनात्मकता से मोहा मन….
पंचकूला। डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-8, पंचकूला में शनिवार को ‘कौशल दीपोत्सव 2026’ के अंतर्गत कौशल बोध प्रदर्शनी एवं दीपावली कार्निवल का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केशनी आनंद अरोड़ा उपस्थित रहीं। विद्यालय प्रबंधक जसकिरण हरिका और क्षेत्रीय सहायक जया भारद्वाज ने भी विशेष रूप से शिरकत की। इस अवसर पर ट्राइसिटी के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, अभिभावक, पूर्व विद्यार्थी और सेवानिवृत्त शिक्षक भी मौजूद रहे।
सीबीएसई की कौशल बोध पहल से प्रेरित प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल और रचनात्मक परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। कला विभाग की ओर से हस्तनिर्मित दीपक, सुगंधित मोमबत्तियां, रंगोली, तोरण और मिट्टी से बनी सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। फेस पेंटिंग और तत्काल चित्रांकन जैसी गतिविधियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से स्क्रैच आधारित खेल, एनिमेशन, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल गतिविधियां प्रस्तुत की गईं। वहीं, भौतिक विज्ञान विभाग के रोबोटिक आर्म, कैटापल्ट और प्रोपेलर बोट जैसे कार्यशील मॉडलों ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और नवाचार क्षमता को प्रदर्शित किया।
जीव विज्ञान विभाग तथा विद्यालय के माली कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास से तैयार ‘ग्रीन किचन गार्डन’ प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहा। ‘जो खाएं, स्वयं उगाएं’ विषय पर आधारित इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और पौष्टिक खानपान का संदेश दिया गया। बिना आग के खाना पकाने की गतिविधि के जरिए विद्यार्थियों ने पाक कला, स्वच्छता और जीवनोपयोगी कौशल का प्रदर्शन किया।
दीपावली कार्निवल में रंग-बिरंगी सजावट, स्वादिष्ट व्यंजनों, मनोरंजक खेलों और विभिन्न स्टॉलों ने उत्सव का माहौल बना दिया। मिठाइयों, चाट, गोलगप्पे, पावभाजी और भेलपुरी सहित अनेक व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए, जिनका आगंतुकों ने आनंद लिया।
मुख्य अतिथि केशनी आनंद अरोड़ा, विद्यालय प्रबंधक जसकिरण हरिका और क्षेत्रीय सहायक जया भारद्वाज ने प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। आयोजन ने शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव, रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भारतीय संस्कृति के समन्वय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नवाचार, तकनीकी दक्षता और जीवनोपयोगी कौशल विकसित करना रहा। ‘कौशल दीपोत्सव 2026’ ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ दीपावली के उत्सव को ज्ञान, रचनात्मकता और पर्यावरण जागरूकता से भी जोड़ा।


