विनम्रता, सत्य और सेवा से ही जीवन में आती है वास्तविक ज्ञान की वृद्धि: कथा व्यास गोपाल मणि जी महाराज….
चंडीगढ़, 26 सितम्बर 2026 । प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर-24 एवं श्री सनातन धर्म मंदिर सभा, सेक्टर-23 द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन शनिवार को प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर-24 में विधिवत पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। कथा के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
समापन अवसर पर प्रातःकाल ब्राह्मणों द्वारा वेद पाठ, श्री गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, गायत्री जप एवं महामृत्युंजय मंत्र का पाठ किया गया। इसके पश्चात विधिवत हवन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर परिवार एवं समाज की सुख-शांति, समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मंदिर के श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान आदर्श शर्मा, प्रबंधक एडवोकेट संजीव भारती, सह-प्रबंधक विवेक शर्मा, महामंत्री रतन लाल गुप्ता, कैशियर कुश भल्ला, पंडित लाखी राम, पं. चंद्र भूषण, पं. राम गोपाल नौटियाल, दिनेश शास्त्री, पं. शिवकुमार, सुरेश मिश्रा, दीपक शर्मा, डॉ. वेणुधर पात्रा, संत बलबीर शर्मा, प्रवीण सैनी, राम मेहर, गणेश शास्त्री, अवधेश मिश्रा, रमेश बंसल, नंदलाल, सुरेंद्र जोशी एवं संजीव शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान आदर्श शर्मा ने कहा कि श्री शिव महापुराण कथा का उद्देश्य समाज में धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना, नई पीढ़ी को सनातन संस्कारों से जोड़ना तथा लोगों को सेवा, सदाचार और ईश्वर भक्ति के मार्ग पर प्रेरित करना है। उन्होंने कथा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं आयोजकों तथा गोपाल गौलोक धाम, कैम्बवाला चंडीगढ़ के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया।
मनुष्य जीवन का उद्देश्य ईश्वर की प्राप्ति : गोपाल मणि जी महाराज
कथा व्यास गोपाल मणि जी महाराज ने शिव महापुराण की अमृतमयी कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि मनुष्य का शरीर बड़े भाग्य से प्राप्त होता है और मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य ईश्वर की प्राप्ति है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में जितनी विनम्रता आएगी, वह उतना ही महान बनेगा। सत्य एवं सदाचार को जीवन में अपनाने से ही वास्तविक ज्ञान की वृद्धि होती है।
कथा व्यास गोपाल मणि जी महाराज ने गौ सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो गौ माता की रक्षा करता है, उसकी रक्षा गौ माता करती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौ सेवा, माता-पिता के सम्मान, गुरु के प्रति श्रद्धा तथा ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को केवल भौतिक उपलब्धियों के पीछे न भागकर अपने जीवन में धर्म, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों को भी स्थान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम सभी भगवान के अंश हैं, इसलिए हमें सदैव भगवान से जुड़े रहना चाहिए। जीवन में सत्य, सेवा, त्याग और भक्ति का समावेश ही मनुष्य को वास्तविक शांति प्रदान करता है।


