मेटाबोलिक सर्जरी लंबे समय तक डायबिटीज नियंत्रण के लिए एक एविडेंस-बेस्ड विकल्प: डॉ. अमित गर्ग….
चंडीगढ़: पार्क अस्पताल मोहाली के बैरियाट्रिक एंड मेटाबोलिक सर्जरी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. अमित गर्ग और एंडोक्राइनोलॉजी के सीनियर कंसलटेंट डॉ. नीरज गर्ग ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टाइप 2 डायबिटीज को लंबे समय के लिए दूर रखने (रिमिशन) में मेटाबोलिक सर्जरी की भूमिका पर प्रकाश डाला।
पार्क हॉस्पिटल्स उत्तर भारत के सबसे बड़े सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल नेटवर्कों में से एक है, जिसमें 18 अस्पताल, 4,160 से अधिक बेड, 900 आईसीयू बेड, 14 कैथ लैब, 45 मॉड्युलर ऑपरेशन थिएटर और 1,200 से अधिक डॉक्टर शामिल हैं।
डॉ. अमित गर्ग ने कहा, “भारत में टाइप 2 डायबिटीज के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है, जो इसे देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बनाती है। वर्तमान अनुमानों के अनुसार, 10.1 करोड़ से अधिक भारतीय डायबिटीज के साथ जी रहे हैं, जबकि अन्य 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटिक हैं। डायबिटीज हर साल लाखों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने का कारण बनती है और समय से पहले होने वाली मृत्यु व विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है।”
डॉ. नीरज गर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि चार में से एक से अधिक भारतीय वयस्क या तो डायबिटिक हैं या प्री-डायबिटिक हैं।
अनियंत्रित डायबिटीज के गंभीर परिणामों को समझाते हुए डॉ. गर्ग ने आगे कहा कि यह बीमारी दिल का दौरा, स्ट्रोक, डायलिसिस की आवश्यकता वाले किडनी खराब होने, डायबिटिक रेटिनोपैथी, जिससे अंधापन हो सकता है, नर्व डैमेज, डायबिटिक फुट अल्सर, अंग काटने, फैटी लीवर, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, बार-बार होने वाले संक्रमण, घावों के देर से भरने और उम्र घटने के जोखिम को काफी हद तक बढ़ा देती है।
डॉ. गर्ग ने कहा कि टाइप 2 डायबिटीज के योग्य मरीजों के लिए मेटाबोलिक सर्जरी सबसे प्रभावी एविडेंस-बेस्ड उपचार विकल्पों में से एक बनकर उभरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक उपचार, जो केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करता है, के विपरीत मेटाबोलिक सर्जरी शरीर की अंतर्निहित हार्मोनल और मेटाबॉलिक असामान्यताओं का इलाज करती है। इससे डायबिटीज से लंबे समय तक राहत मिलती है, जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है और डायबिटीज से जुड़ी गंभीर जटिलताओं से सुरक्षा मिलती है।
शुरुआती समय में ही इलाज के महत्व पर जोर देते हुए डॉ. गर्ग ने कहा कि जिन मरीजों को डायबिटीज हुए कम समय हुआ है और जिनके पैनक्रियाज की कार्यप्रणाली सुरक्षित है, उनमें लंबे समय तक डायबिटीज से राहत पाने की सबसे अधिक संभावना होती है।
ग्रुप सीईओ नार्थ- पार्क हॉस्पिटल्स, आशीष चड्ढा ने कहा कि अस्पताल सीएपीएफ, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल सरकारों के साथ-साथ प्रमुख टीपीए, कॉर्पोरेट संगठनों और बीमा प्रदाताओं के साथ एम्पैनल्ड है।


