लाइव कैलेंडर

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

आपदा प्रबंधन जागरूकता व्याख्यान ने इंटर्नों एवं प्रतिभागियों को किया प्रेरित….

द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया (ESI), चंडीगढ़ द्वारा आज करुणा सदन, सेक्टर-11 बी, चंडीगढ़ में आपदा प्रबंधन जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री एन.के. झिंगन, सचिव, द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशेषज्ञ वक्ताओं, इंटर्न विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन संबंधी जागरूकता आधुनिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है तथा प्रत्येक नागरिक को आग, बाढ़, दुर्घटनाओं एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा हेतु आवश्यक जानकारी और कौशल प्राप्त होने चाहिए।

सुश्री पूनम मलिक, नोडल अधिकारी, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, चंडीगढ़ शाखा कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं।

तकनीकी सत्र का संचालन श्री सुशील टांक, प्रशिक्षण पर्यवेक्षक, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, चंडीगढ़ शाखा द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सरल जीवनरक्षक तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता, आग लगने की स्थिति में बचाव, गैस रिसाव की घटनाओं से निपटने तथा सर्पदंश के मामलों में प्राथमिक उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में पाए जाने वाले लगभग 90 प्रतिशत सांप विषैले नहीं होते और अधिकांश मामलों में घबराहट स्थिति को अधिक गंभीर बना देती है।

श्री टांक ने आपातकालीन परिस्थितियों में व्यवस्थित कार्यप्रणाली अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कंप्यूटर के इनपुट, प्रोसेस और आउटपुट सिद्धांत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर “प्रोसेस” की महत्वपूर्ण कड़ी को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

अपने संबोधन में सुश्री पूनम मलिक ने इंटर्न विद्यार्थियों को माता-पिता एवं बड़ों का सम्मान करने, अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा मानव सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने सामाजिक सेवा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र; चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, घरुआँ; गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, सेक्टर-11, चंडीगढ़; डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10, चंडीगढ़; डीएवी कॉलेज, करनाल; तथा आईआईटी मुंबई के इंटर्न विद्यार्थियों सहित द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया के सदस्य उपस्थित रहे।

इंजीनियर हेमराज सतीजा, उपाध्यक्ष, ESI ने आपातकालीन परिस्थितियों में साहस, जागरूकता एवं तत्परता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर सही जानकारी और कार्रवाई से अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकते हैं।

श्री रविंद्र नाथ, कोषाध्यक्ष, ESI एवं प्रशासक की सलाहकार समिति के सदस्य, ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने परिवारों, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

श्री अशोक कुमार, सदस्य, ESI ने भी सभा को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता एवं सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

इंटर्न विद्यार्थियों ने पूरे सत्र के दौरान गहरी रुचि दिखाई और संवाद कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने प्राथमिक उपचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया, अग्नि सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं, सर्पदंश, आपदा तैयारी तथा संकट की परिस्थितियों में जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा से संबंधित अनेक व्यावहारिक प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए, जिनमें घरों में आग लगने तथा दुर्घटनाओं से जुड़े अनुभव शामिल थे। उनकी जिज्ञासा और उत्साह से यह स्पष्ट हुआ कि वे जीवनरक्षक कौशल सीखने और समाज सेवा में योगदान देने के लिए गंभीर रूप से प्रतिबद्ध हैं।

प्रतिभागियों ने व्यावहारिक प्रदर्शन एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता व्यक्त की।

कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि, विशेषज्ञ वक्ताओं एवं सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया गया।

एन.के. झिंगन

सचिव

मोबाइल: 9417004937