लाइव कैलेंडर

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

नौकरी में धोखा देने पर अस्सिटेंट प्रोफेसर ने देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के लगाए आरोप…..

चंडीगढ़:–चंडीगढ़ के एक शिक्षण संस्थान पर असिस्टेंट प्रोफेसर ने शहर के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के खिलाफ नौकरी के संबंध में कथित धोखाधड़ी, भ्रामक आश्वासनों और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर का कहना है कि संस्थान द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में चयन के बाबजूद उन्हें संस्थान की प्रिंसिपल द्वारा बिना सैलरी के चार महीने काम करवाया गया। जब इसका विरोध किया गया तो प्रिंसिपल ने न् केवल उनके साथ बदतमीजी की, बल्कि बुरा अंजाम भुगतने तक की धमकी दी। अपने साथ हुई धोखाधड़ी, और मानसिक प्रताड़ना को लेकर देश के राष्ट्रपति, चंडीगढ़ प्रशासक, शिक्षा सचिव सहित विजिलेंस विभाग तक गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उन्हें इंसाफ नही मिला। जिससे उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इसको लेकर उन्होंने मीडिया के सामने सभी साक्ष्य और तथ्य पेश किए।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर सिमरन कौर ने बताया कि वो देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन की स्टूडेंट रही है। वो शुरू से ही होनहार रही हैं। शिक्षा ग्रहण के दौरान उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की है। जिनमें मुख्यतः पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (P.U रैंक) में मेरिट, एम एड – P.U में 4th और U.T Chd में 1st स्थान हासिल किया है। इसके अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी के संगीत विभाग से भी डिग्री हासिल की है। सिमरन कौर के अनुसार कॉलेज द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट के लिए विज्ञापन दिया गया था। पोस्ट की जरूरत अनुसार चंडीगढ़ एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज ने कुछ अभ्यर्थियों के नाम कॉलेज को भेजे। जिसमे उनका भी नाम था। इंटरव्यू प्रक्रिया के दौरान प्रोसीडिंग कमेटी ने उनके नाम का चयन कर दिया। सेलेक्शन से हतोत्साहित वो निश्चित दिन जॉइनिंग के लिए पहुंची। कॉलेज की पूर्व छात्रा का चयन होने पर कॉलेज की प्रिंसिपल इग्निस ढिल्लों बेहद खुश हुई। उन्होंने उनके चयन पर प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें आशीर्वाद दिया।उन्होंने उसे चंडीगढ़ के दो विभिन्न सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा देने के लिए भेजा। उन्होंने अगले दिन से ही अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया। बल्कि इस दौरान

यू जी सी द्वारा आयोजित एक दो दिवसीय प्रशिक्षण में भी कॉलेज की तरफ से प्रतिनिधित्व भी किया। 3-4 महीने सेवाएं देने के बाद उन्होंने जब प्रिंसीपल इग्निस ढिल्लों से सैलरी की बात की, तो प्रिंसीपल इग्निस ढिल्लों ने उन्हें बोला कि उन्हें दो टूक जवाब दिया कि वो तो कॉलेज की एम्प्लॉय ही नही है। उन्हें वहां से चले जाने को बोल दिया गया और गेटकीपर को उनके प्रवेश न् करने के भी आदेश दे दिए। अपने साथ हुए धोखे और चालबाजी को लेकर उन्होंने अपने परिजनों संग प्रिंसीपल इग्निस ढिल्लों से अगले दिन मुलाकात की तो उसने दो टूक शब्दों में कह दिया कि यह हमारी कर्मचारी ही नही है, तो नियुक्ति पत्र और सैलरी किस बात की। इससे पूरे परिवार को सदमा लगा। उन्होंने इसको लेकर शिक्षा विभाग व चंडीगढ़ प्रशासन के आलाधिकारियों से शिकायत करने की बात की। तो इग्निस ढिल्लों ने स्पष्ट शब्दों में धमकी भरे लहजे में कहा कि उनसे जो बन पड़ता है, कर लें। उसकी अप्प्रोच ऊपर तक है। वो इन सबसे न् डरती है न् किसी की परवाह करती हैं। इससे उन सबको बेहद दुख हुआ कि वो कॉलेज की एक पुरानी होनहार स्टूडेंट्स के साथ ऐसा कर सकती है। अपने साथ हुए धोखे को लेकर उन्होंने शिक्षा सचिव, विजिलेंस विभाग और आलाधिकारियों तक का द्वार खटखटाया, लेकिन कहीं से भी इंसाफ नही मिला। उनकी शिकायत कागजों में एक टेबल से दूसरे टेबल तक सिमट कर रह गई। हार कर उन्होंने माननीय राष्ट्रपति महोदया के आगे इंसाफ की गुहार लगाई। उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए, राष्ट्रपति कार्यालय ने चंडीगढ़ प्रशासक को इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने के आदेश दिए। चंडीगढ़ प्रशासक ने राष्ट्रपति महोदया कार्यालय से मिले आदेशानुसार शिक्षा सचिव प्रेरणा पूरी से इस पर जांच करने को कहा। शिक्षा सचिव प्रेरणा पूरी कार्यालय से उन्हें बुलाये जाने पर वो शिक्षा सचिव कार्यालय पहुंचे और शिक्षा सचिव से मुलाकात कर उन्हें दुखी मन से अपनी व्यथा बताई। शिक्षा सचिव ने उनकी बात सुन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तुरंत इस पर संज्ञान लेने के आदेश दिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उनकी शिकायत सुनने के बुलाया, लेकिन कोई एक्शन नही लिया। बल्कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा उन्हें सौंपे गए भ्रामक तथ्यों से उन्हें ही दोषी ठहरा दिया। उनका पूरी परिवार अपने साथ हुए धोखे से पूरी तरह से टूट चुका है। इंसाफ के लिए वो लोग दर दर भटक चुके हैं। अब उन्हें समझ ही नही आ रहा कि क्या करें।

असिस्टेंट प्रोफेसर सिमरन कौर के अनुसार देव कॉलेज ऑफ एजुकेशन संस्थान ने नियुक्ति से पूर्व वेतन, सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं को लेकर जो जानकारी दी थी, वह वास्तविकता से मेल नहीं खाती। उनका आरोप है कि बार-बार संस्थान प्रबंधन से संपर्क करने के बावजूद उनकी शिकायतों का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया।

सिमरन कौर ने शिक्षा सचिव प्रेरणा पूरी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वो कौन सा कदम भी उठाएं। वो और उनका परिवार मानसिक प्रताड़ना से टूट चुके हैं।