कलियुग केवल नाम आधारा”: शिवानन्द आश्रम, चंडीगढ़ में त्रिदिवसीय भक्ति, योग एवं वेदान्त महोत्सव का शुभारंभ….
चंडीगढ़, 20 मार्च:- शिवानन्द आश्रम, सेक्टर-29 ए, चंडीगढ़ में दिव्य जीवन संघ, चंडीगढ़ शाखा द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय आध्यात्मिक सम्मेलन “कलियुग केवल नाम आधारा” का आज श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ शुभारंभ हुआ। 20, 21 एवं 22 मार्च 2026 तक आयोजित यह महोत्सव भक्ति, योग और वेदान्त की दिव्य धारा के माध्यम से साधकों को आत्मिक उन्नति, मानसिक शांति तथा जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रेरित करने का संदेश दे रहा है।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस आज पंजीकरण एवं संत स्वागत के साथ आयोजन का विधिवत आरंभ हुआ। सायंकाल आयोजित भजन संध्या में श्री गुरु दत्त जी एवं उनकी मंडली ने भक्तिमय प्रस्तुतियों से वातावरण को आध्यात्मिक भाव से ओतप्रोत कर दिया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए प्रीति भोज का आयोजन किया गया।
द्वितीय दिवस 21 मार्च को प्रातः प्रभात फेरी, पदुका पूजन एवं उद्घाटन सत्र के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। दीप प्रज्ज्वलन, स्वागत उद्बोधन एवं विषय परिचय के उपरांत पूज्य स्वामी अद्वैतानंद जी, स्वामी अखिलानंद जी तथा स्वामी शिवाश्रितानंद माता जी के दिव्य प्रवचन एवं भजन श्रद्धालुओं को भक्ति एवं ज्ञान से अभिसिंचित करेंगे। कार्यक्रम में महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक जप, संत प्रवचन तथा भक्तों द्वारा भजन प्रस्तुतियां भी होंगी।
आगामी सत्रों में स्वामी भीतिहरानंद जी, स्वामी अक्षरानंद जी एवं स्वामी धर्मनिष्ठानंद जी योग, भक्ति और वेदान्त के गूढ़ सिद्धांतों का सरल एवं जीवनोपयोगी व्याख्यान देंगे। संध्या समय श्री हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, कार्तिकेय मंदिर संस्था द्वारा भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तृतीय दिवस 22 मार्च को प्रातः ध्यान सत्र के माध्यम से साधकों को अंतर्मन की शांति एवं आत्मबोध का मार्ग प्रदान किया जाएगा। इसके पश्चात “ॐ नमो नारायण” एवं महामंत्र का सामूहिक जप, संतों के प्रेरणादायक प्रवचन, एपीएन पंकज जी द्वारा प्रश्नोत्तर सत्र तथा आध्यात्मिक ग्रंथों का विमोचन कार्यक्रम आयोजित होगा। स्वामी धर्मनिष्ठानंदा जी द्वारा समापन प्रार्थना, संतों के आशीर्वचन, धन्यवाद ज्ञापन एवं प्रसाद वितरण के साथ इस दिव्य आयोजन का समापन किया जाएगा।
इस अवसर पर दिव्य जीवन संघ, चंडीगढ़ शाखा के संयुक्त सचिव श्री संजीव आनंद जी ने कहा कि “कलियुग में ईश्वर का नाम ही सबसे सरल, सहज एवं प्रभावशाली साधन है, जो मानव को अशांति से निकालकर आत्मिक शांति की ओर ले जाता है। यह सम्मेलन योग, भक्ति और वेदान्त के समन्वय का पावन मंच है, जहाँ साधक नाम-स्मरण, साधना एवं सत्संग के माध्यम से अपने जीवन को दिव्यता की ओर अग्रसर कर सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि यह त्रिदिवसीय आध्यात्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागृति, सकारात्मक ऊर्जा एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन का संदेश प्रसारित करेगा तथा श्रद्धालुओं के जीवन में शांति, संतुलन और दिव्यता का संचार करेगा।


