केन्द्रीय बजट में चण्डीगढ के लिए फ़ंडज़ की भारी कटौती एक अन्यायपूर्ण कदम – कांग्रेस……
2026-27 के केंद्रीय बजट में चंडीगढ़ के लिए आवंटित फंड में 1263 करोड़ रुपये की भारी कमी चंडीगढ़ के लोगों के लिए अनुचित और अन्यायपूर्ण कदम है। भाजपा की केंद्रीय सरकार द्वारा चंडीगढ़ के प्रति सौतेले पर चिन्ता व्यक्त करते हुए स्थानीय कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने आज यहां कहा कि मौजूदा 2025-26 के बजट में चंडीगढ़ के लिए कुल आवंटन 6983 करोड़ रुपये था, जिसे अगले वित्तीय वर्ष के लिए घटाकर 5720 करोड़ रुपये कर दिया गया है। शहर के साथ ऐसा अन्याय केंद्र शासित प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है।
यह आरोप लगाते हुए कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेतृत्व वाला चंडीगढ़ प्रशासन कई सालों से चंडीगढ़ नगर निगम को जज़रूरी फंड से वंचित कर रहा है, उन्होंने कहा कि पिछले साल, 6983 करोड़ रुपये के कुल आवंटन में से निगम को सिर्फ 625 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया था। जबकि प्रशासन के पास इतना सरप्लस फंड बचा था कि वह पिछले 11 महीनों में उसे खर्च नहीं कर पाया। नतीजतन, अब लगभग 500 करोड़ रुपयों के फ़ंड को बिना खर्च किए ही वापस करना पड़ेगा, जबकि नगर निगम को फ़ंड की कमी के कारण गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि चण्डीगढ नगर निगम शहर में नागरिक जीवन से संबंधित प्रमुख काम करता है, लेकिन उसे केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के कुल आवंटन का सिर्फ 9% तक ही फंड दिया जा रहा है। जबकि प्रशासन अपने पास मौजूद कुल फंड खर्च भी नहीं कर पा रहा है। प्रशासन को ज़रूरत से ज़्यादा फ़ंड दिए जाने के कारण नगर निगम को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। केंद्र सरकार के इस रवैये को चंडीगढ़ के लोगों के लिए अनुचित और अन्यायपूर्ण बताते हुए, कांग्रेस प्रवक्ता ने नव-निर्वाचित मेयर से पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कांग्रेस, बीजेपी और आप के वरिष्ठ नेताओं और उनके पार्षदों की सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया ताकि केन्द्र की बीजेपी सरकार द्वारा चंडीगढ़ के साथ किए जा रहे इस सौतेले व्यवहार पर चर्चा की जा सके।
राजीव शर्मा


