सर्व जाति संसद ने लिया जाट आरक्षण आंदोलन का फैसला….
बहादुरगढ़: राष्ट्रीय किसान नेता रमेश दलाल के नेतृत्व में आज सर्व जाति संसद ने लिए अहम फैसले। रविदास जयंती पर दलित समाज के जयंत पूर्व सरपंच, रामनिवास बालमिक, पंडित अत्तर सिंह, धनी राम सैनी और वेदप्रकाश सैन ने की सर्व जाति संसद की संयुक्त अध्यक्षता और सर्व जाति समाज ने दिया जाट आरक्षण को समर्थन। इस सर्व जाति संसद में दहिया खाप के प्रधान जयपाल दहिया, मालिक खाप के महासचिव अशोक मालिक, देशवाल खाप के कार्यकारी प्रधान संजय देशवाल, कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल, हुडा खाप के प्रवक्ता जगवंत हुडा, नांदल खाप के प्रधान ओम प्रकाश नांदल, नंदगढ़ बारह के प्रधान होशियार सिंह दलाल, पंवार खाप का प्रधान महावीर सिंह, पालम 360 के प्रधान रामकवार सोलंकी, नौगामा असौधा प्रधान कपूरे दलाल, जाट धर्मशाला केशो पुरम दिल्ली के महासचिव प्रियवर्त छिकारा, नांगलोई जाट धर्मशाला प्रधान दयानंद देशवाल प्रमुख रूप से शामिल हुए
सबसे बड़ा फैसला गांधीवाद अहिंसात्मक आंदोलन का फैसला लिया गया है। इसके अंतर्गत 1 मार्च से रमेश दलाल केएमपी मांडोठी टोल पर आमरण अनशन सत्याग्रह आरंभ करेंगे। दूसरे चरण में 10 मार्च को उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सभी सीमाओं से किसान आंदोलनकारी पैदल चलकर दिल्ली में घुसेंगे। कोई ट्रैक्टर और अन्य व्हीकल का प्रयोग नही होगा। राष्ट्रीय किसान नेता रमेश दलाल ने अहवान किया कि हमे जनता को असुविधा नही देनी और ना ही पुलिस फोर्स से टकराव करना है क्योंकि वो सभी जवान हमारे अपने परिवार से हैं। सिर्फ गांधीवादी तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रकार एक ठोस रणनीति तैयार कर ली गई हैं।
रमेश दलाल ने बताया कि जाट, त्यागी, रोड, बिश्नोई को अब अविलंब आरक्षण केंद्र की ओबीसी श्रेणी में आचार संहिता लगने से पहले प्रदान कर देना चाहिए।
राष्ट्रीय किसान नेता और जनता आवाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश दलाल ने आज फिर समाज की सभी जातियों के प्रबुद्ध लोगों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में सर्व जाति संसद में लिए गए उपरोक्त सभी फैसलों को अपना समर्थन बढ़ाए।
रमेश दलाल ने इसका आयोजन सम गोत्र विवाह को अवैध करवाने के साथ साथ जाट, बिश्नोई, त्यागी, रोड, मुले जाट और सिख जाट को आरक्षण दिलवाने के लिए किया था जिसमे अब बैलेट पेपर से एक चुनाव करवाने का फैसला भी राष्ट्र हित में लिया गया।
रमेश दलाल के अनुसार राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के जमीन अधिग्रहण के मुद्दे भी उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल हे। उन्होंने कहा की सर्व जाति संसद ऐतिहासिक हुई है जो एक भाईचारे की मिशाल के रूप में जानी जाएगी इसमें लिए गए फैसले भी इतिहास के पन्नो में दर्ज होने का काम करेंगे। रमेश दलाल ने कहा कि यह आंदोलन गांधीवादी विचारधारा के अनुसार ही चलेगा और भाई चारे और सौहार्द का वातावरण तैयार करेगा।
सर्व जाति संसद ने पांच मांगो को अपने एजेंडे में शामिल किया है।
1. जाट और छ जातियों को केंद्र और 12 राज्यों की ओबीसी की केंद्र और राज्य की सूची में आरक्षण दिया जाए;
2. सम गोत्र विवाह को अवैध करने के लिए हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन हो;
3.जमीन अधिग्रहण से संबंधित मामलों का समाधान हो और विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिले;
4. SYL नहर परियोजना को पूरा किया जाए और हरियाणा का अलग से हाई कोर्ट दिया जाए;
5. देशहित में प्रधान मंत्री को एक चुनाव बैलेट पेपर से जितना चाहिए ताकि विपक्ष और जनता की शंकाओं का प्रजातांत्रिक समाधान हो।
रमेश दलाल ने कहा की जाट समाज के साथ हरियाणा और देश में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। ये नही भूलना चाहिए की सीमाओं की रक्षा करने में जाटों का विशेष योगदान है। वही खेलो में भारत को विश्व में सम्मान दिलवाने में जाट जाति का अहम योगदान है। इसलिए केंद्र और हरियाणा सहित सभी भाजपा और अन्य सरकारों को छ जातियों “जाट, त्यागी, बिश्नोई, सिख जाट, रोड और मुले जाट” को भी ओबीसी के आरक्षण में स्थान चुनाव आचार संहिता लगने से पहले देना चाहिए।
सर्व जाति संसद में किसान अपनी उपरोक्त सभी मांगों को पूरा करवाने के लिए अब एक संगठित व्यापक व्यूह रचना के अनुसार गांधीवादी विचारधारा का जन आंदोलन चलाएंगे। लोक सभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले आंदोलन के माध्यम से सभी मांगे मनवाने के लिए शांति पूर्ण आंदोलन चलाने की घोषणा हो गई है।


