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मेयर चुनाव … प्रेजाइडिंग ऑफीसर पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति गैरकानूनी – जसपाल सिंह…

चंडीगढ़ …. चंडीगढ़ नगर निगम महापौर, उप महापौर और वरिष्ठ महापौर चुनाव करवाने के लिए नियुक्त प्रेजाइडिंग ऑफीसर पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह की नियुक्ति विवादों के घेरे में है ।

प्रेजाइडिंग ऑफीसर पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह की नियुक्ति से पहले इनको नॉमिनेटेड पार्षद नियुक्त करने हेतु जारी नोटिफिकेशन को समाजसेवी जसपाल सिंह ने उच्च न्यायालय में चुनौती दे रखी है ।

चंडीगढ़ नगर निगम में नॉमिनेटेड काउंसलर नियुक्ति हेतु जसपाल सिंह समाजसेवी ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में CWP No. 8162 of 2023 याचिका दाखिल की है । इसकी सुनवाई हेतु आगामी तिथि 31.01. 24 माननीय अदालत द्वारा तय की गई है ।

पिछले 25 वर्ष का इतिहास है कि चंडीगढ़ नगर निगम में नॉमिनेटेड और चुनाव जीतकर आने वाले पार्षद एक साथ शपथ ग्रहण करते रहे हैं । साथ ही साथ महापौर, उपमहापौर व वरिष्ठ उप महापौर का चुनाव भी नॉमिनेटेड पार्षदों के नॉमिनेशन के बाद होता रहा है लेकिन 2022 से यह इतिहास बदल गया है । पूर्व महापौर सरबजीत कौर का चुनाव नॉमिनेटेड पार्षदों की गैर मौजूदगी में हुआ था ।

नॉमिनेटेड पार्षद के मनोनयन के लिए प्रशासन के पास काफी संख्या में दावेदारियां पहुंची थी । 28.12. 2021 से पहले प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस व पटवारी के माध्यम से जांच के बाद जसपाल सिंह सहित 26 आवेदकों के नाम शॉर्टलिस्ट करके प्रशासक चंडीगढ़ के पास भेज दिए थे । इसी शॉर्ट लिस्ट में से 9 नॉमिनेटेड पार्षद होने चाहिए थे।

विधिवत कानूनी तौर पर तैयार शॉर्ट लिस्ट को नजरअंदाज करके बाहर से 9 नॉमिनेटेड पार्षद मनोनीत किए गए, कानून को व संविधान को ठेंगा दिखाते हुए सरकार ने मनमानी की है । इस कारण यह मामला माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष न्याय हेतु पहुंचा चंडीगढ़ नगर निगम में नॉमिनेटेड काउंसलर बारे उच्च न्यायालय में चुनौती।

जसपाल सिंह समाजसेवी द्वारा चंडीगढ़ स्थित पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में CWP No. 8162 of 2023 की सुनवाई हेतु आगामी तिथि 31.01. 24 माननीय अदालत द्वारा तय की गई है लेकिन आश्चर्य की बात है कि सरकार और प्रशासन ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से पहले ही कैसे मान लिया कि 6 फरवरी 2024 से पहले अनिल मसीह के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय फैसला नहीं देगा और अनिल मसीह 6 फरवरी 2024 को नगर निगम में नॉमिनेटेड पार्षद रहेंगे ?

जसपाल सिंह व उनके अधिवक्ता मंदीप के. साजन ने आशा व्यक्त की है कि सच्चाई और कानून के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय, अनिल मसीह की नॉमिनेटेड पार्षद के तौर पर नियुक्ति हेतु जारी नोटिफिकेशन को गैरकानूनी घोषित कर सकता है ।