भक्ति व कीर्तन का क्या है महत्व जीवन में : हरीगोपाल…
पंचकूला। गीता मंदिर सेक्टर ११ में श्री शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कथा आयोजक आरके शर्मा दादाजी ने कथा के द्वितीय दिवस पर कथा वाचक आचार्य पंकज हरीगोपाल महाराज के मुखारबिंद से जीवन में शिव कथा का व्याख्यान किया। आचार्य हरीगोपाल ने भक्तों को भक्ती व कीर्तन के महत्व को विस्तार से समझाया और जीवन में इसकी उपयोगिता को भी समझाया।
महाराज पंकज ने शिव पुराण की महिमा बताते हुए कहा कि कलियुग में सभी प्राणी झूठ कपट निंदा और चुगली से अपने जीवन का निर्वाह करेंगे, जिससे की जीव अपने पतन का कारण ख़ुद ही होगा। परंतु कलयूग में जो भी जीव शिव महापुराण की कथा को सुनेगा वो जीव संसार के बंधनों से मुक्त हो जाएगा, उसका पतन होने से बच जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिव महापुराण में 24000 श्लोक है और 7 सहीतायें हैं, उनका वर्णन किया गया , जिसका संक्षेप में नौ दिन में महत्व भगवान शिव के पंचमुख की महिमा और उनका कृत्य बताया गया और महाऋषि मार्कंडेय की कथा को सुनाया गया कि किस प्रकार महाऋषि मार्कण्डेय ने अपने पिता की प्रसन्नता के लिए भगवान शिव के नाम जप को जीवन का आधार बनाया और उन्होंने शिव को प्रकट किया और काल के भय से मुक्त हो गये और सदा सदा से चिरंजीवी हो गए।
महाराज हरीगोपाल ने आज के संदर्भ पर जीवों को जीने के विषय को लेकर शिव भक्ति के माध्यम से बताते हुए कहा कि प्राणी की आयु कैसे घट व बढ़ सकती है। मार्कुंडू की भक्ती को कथा के माध्यम से ज्योतिष विद्या व आधुनिक विज्ञान की तुलनात्मक आधार पर विशेषता को बताया । राम कथा के माध्यम से माता-पिता के महत्व को आज के नौजवान को समझाया । हर समय शिव भक्ति के महत्व व गुणगान को दर्शाया। निवेदक विक्रांत शर्मा, राज शर्मा एवं हरीश शर्मा के अलावा बीरबल शर्मा , करण, चैतन्य महाप्रभु, दिनेश शर्मा व सीताराम ने कथा में शामिल होकर श्रवण किया व सहयोग दिया। अंततः श्री हनुमान चालीसा का भी गुणगान किया है। गीता मंदिर के प्रधान देवेंद्र धवन ने बताया कि हर मंगलवार को सात बार चालीस पढ़ा जाता है और प्रसाद भी वितरित किया जाता है ।


