राष्ट्रमाता’ का दर्जा नहीं मिलता, तब तक यह राष्ट्रव्यापी महा-अभियान अविरल जारी रहेगा।” : पूज्य श्री गोपाल मणि…..
श्री गोपाल गोलोक धाम रामेश्वरी भक्त आश्रम ट्रस्ट शाखा कैम्बवाला चण्डीगढ़ द्वारा पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के पावन अवसर पर सात दिवसीय ‘धेनुमानस गौकथा’ का हो रही, आज की कथा मे गौ-गंगा कृपाकांक्षी पूज्य श्री गोपाल मणि जी अपने श्रीमुख से श्रद्धालुओं को धेनुमानस गौकथा का रसपान कराया और धेनुमानस ग्रंथ का प्राकट्य और महत्व
महाराज श्री ने बताया कि ‘धेनुमानस’ सद्ग्रन्थ का प्राकट्य साक्षात गौमाता की असीम अनुकंपा से हुआ है। इस ग्रंथ के माध्यम से पूरे देश में जनजागरण फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे प्राचीन सनातन शास्त्रों में सुबह उठकर सर्वप्रथम गौमाता के दर्शन करने का विधान है, जिससे मनुष्य के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और बताया की गोक्रांति मंच का मुख्य रूप ‘गौमाता को राष्ट्रमाता’ बनाने का महा-आंदोलन चलाया हुआ है कथा के दौरान महाराज श्री ने अपने जीवन के मुख्य संकल्प को दोहराते हुए कहा, “जब तक इस पावन धरा पर गौहत्या पूरी तरह बंद नहीं होती और गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा नहीं मिलता, तब तक यह राष्ट्रव्यापी महा-अभियान अविरल जारी रहेगा।”
कार्यक्रम के अंत में गौ माता की महाआरती की गई और उपस्थित समस्त संगत एवं श्रद्धालुओं में प्रसाद व भंडारा वितरित किया गया।


