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मोह और वासना ही मनुष्य के दुखों का कारण, भागवत कथा से पापी का भी उद्धार संभव: आचार्य कुलदीप पांडेय….

पंचकूला, 27 सितंबर:शिव धाम आश्रम मोरनी रोड, पंचकूला द्वारा पितृ पक्ष के पावन अवसर पर पितरों की तृप्ति एवं मुक्ति के लिए सेक्टर-15 स्थित पंजाबी भवन (वरिष्ठ कन्या माध्यमिक विद्यालय के सामने) में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। परम पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज की असीम कृपा से आयोजित इस कथा के प्रथम दिन उनके शिष्य एवं कथा व्यास आचार्य कुलदीप पांडे ने व्यासपीठ से ज्ञान की अमृत वर्षा की। कथा प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक चलेगी।कथा के प्रथम दिन भागवत महात्म्य में वर्णित आत्मदेव के प्रसिद्ध प्रसंग की संगीतमयी व्याख्या करते हुए आचार्य कुलदीप पांडे ने कहा कि दक्षिण भारत में तुंगभद्रा नदी के तट पर बसे नगर के विद्वान ब्राह्मण आत्मदेव, उनकी कलहप्रिय पत्नी धुंधली और उनके दो विपरीत स्वभाव वाले पुत्रों—गोकर्ण व धुंधकारी की कथा हमें गहरा आध्यात्मिक संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संसार में अत्यधिक मोह, वासना और संतान की असंतुष्ट लालसा ही मनुष्य के समस्त दुखों का मूल कारण बनती है। वहीं दूसरी ओर, यदि मनुष्य भगवान की कथा और सत्संग की शरण में आ जाए, तो पापी से पापी जीव का भी उद्धार और कल्याण निश्चित है।इस अवसर पर शिव धाम आश्रम से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गुरु भाई-बहन उपस्थित रहे। कथा श्रवण करने वालों में मुख्य रूप से योगराज मुंजाल, नरेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह, सतपाल पंवार, विरेन्द्र कश्यप, राजेश गुप्ता, शाहिल गर्ग, कुंदन लाल, इंद्रजीत जसरा, देशराज यादव, श्रीमती मोहनी देवी, श्रीमती प्रमिला वालिया और श्रीमती कमल खजांची सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भागवत रसपान कर अपने जीवन को धन्य किया। कथा के विश्राम पर मुख्य यजमानों द्वारा विधि-विधान से महाआरती की गई, जिसके उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं में भंडारा प्रसाद वितरित किया गया।

आश्रम प्रबंधन ने बताया कि यह कथा 3 अक्टूबर तक निरंतर चलेगी। इसके बाद 04 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे भव्य हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा तथा दोपहर 12:00 बजे से विशाल भंडारे के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी।