“मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत “चौपाल” का आयोजन….
एआईसीसी के आदेशानुसार एवं चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष आदरणीय श्री एच एस लक्की जी के निर्देशन में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत “चौपाल” का आयोजन वार्ड नंबर 20 के गांव हल्लो माजरा, चंडीगढ़ में किया गया। जिसका उद्देश्य मनरेगा को बहाल करने और (VB – GRAM – G) विबी- ग्राम- जी को निरस्त करना है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जिसे वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया था यह एक अधिकार – अधिकारित कानून था जो प्रत्येक ग्रामीण श्रमिकों के परिवार को मजदूरी रोजगार की मांग करने का वैधानिक अधिकार देता है। यह वैधानिक गारंटी मनरेगा की मूल और परिभाषित विशेषता थी। परन्तु वर्तमान केंद्र की सरकार ने मनरेगा कानून को कमजोर कर दिया है। महात्मा गांधी जी का सपना था कि ग्राम के श्रमिकों को उनके गांव में रोजगार देकर आत्म निर्भर बनाया जाय ताकि मजदूरी करने वालों को दूसरे प्रदेशों में पलायन से बचाया जाय। लेकिन बीजेपी सरकार मनरेगा से महात्मा गांधी जी का नाम हटाकर उनके विचार धारा के साथ साथ सपनों को समाप्त करना चाहती है। इस चौपाल में सैकड़ों श्रमिक उपस्थित रहे। सभी को मनरेगा के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर अच्छेलाल गौड़, कॉर्डिनेटर मनरेगा बचाओ संग्राम एवं संगठन महासचिव, जाहिद परवेज खान, महासचिव, कृपानंद ठाकुर, सचिव, हरजिंदर सिंह बावा, दिनेश झा, ब्लाक अध्यक्ष, रामलखन, ब्लाक महासचिव, डाक्टर रामकुमार, सुभाष पाल, राहुल कुमार, संयुक्त सचिव, वरिष्ठ नेता गुरचरण सिंह, ओम प्रकाश चौटाला, सुनील वर्मा इत्यादि पदाधिकारियों ने शिरकत की।


