नवनिर्मित फ़िल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर प्रतिबंध की मांग, देवार्चन परिषद का प्रतिनिधिमंडल एडीसी से मिला….
चंडीगढ़ 9 फरवरी 2026: वर्तमान समय में नवनिर्मित फ़िल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने की मांग को लेकर देवार्चन परिषद,(पंजीकृत) चंडीगढ़ का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) अमनदीप सिंह भट्टी से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। परिषद ने फ़िल्म को विप्र समाज की छवि धूमिल करने वाला बताते हुए इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की अपील की।
देवार्चन परिषद का यह प्रतिनिधिमंडल परिषद के अध्यक्ष पं रामगोपाल की अगुवाई में एडीसी से मिला। इस दौरान पंडित रामगोपाल ने कहा कि उक्त फ़िल्म विप्र समाज को नीचा दिखाने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसका समाज पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की फ़िल्में सनातन संस्कृति को खंडित करने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फ़िल्म पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए और इसके निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पंडित रामगोपाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इस निवेदन पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो देवार्चन परिषद आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगी।
इस अवसर पर देवार्चन परिषद (पंजीकृत), चंडीगढ़ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से पं. लाखीराम, पं दिनेश , पं. चंद्र भूषण, पं. गुरु प्रसाद, पंडित राजेंद्र, पं. संजय, पं. शिव कुमार, पं. रोशन, पंडित. प्रकाश, पं. सुरेश, पं. मनोज, पं. कमलनयन एवं पं. अमरदेव सहित अन्य सदस्य शामिल थे।


