मनरेगा अधिनियम बदलने से ग्रामीण अर्थतंत्र तबाह हो जाएगा – कांग्रेस …..
चंडीगढ़ कांग्रेस ने मोदी सरकार द्वारा कांग्रेस पार्टी के फ़्लैगशिप प्रोग्राम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 को पंगु बनाए दिए जाने के विरोध में आज लेबर चौक सैक्टर 44 में एक धरना दिया, जिसमे भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और चण्डीगढ के ग्रामीण क्षेत्र से लोग और मजदूर कार्यबल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
धरने का नेतृत्व चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एच. एस लक्की ने किया। इंडियन यूथ कांग्रेस के सचिव एजाज़ चौधरी, नगर निगम के वरिष्ठ उपमहापौर जसबीर बंटी, उपमहापौर तरुणा मेहता, पार्षद सचिन गालव और चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक लुबाना ने भी अपने युवा साथियों के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इस मौके पर बोलते हुए एच.एस लक्की ने कहा कि मनरेगा आम आदमी के अधिकार पर आधारित एक कानून था, जिसने ग्रामीण क्षेत्र में आम जनता का सशक्तीकरण करने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह कार्यक्रम स्थानीय मांग पर भी आधारित रहता था, जिसमें ग्रामीण भारत में 100 दिनों के रोज़गार की गारंटी का प्रावधान था। इसका मतलब है कि जब भी कोई व्यक्ति या गांव की पंचायत या कोई और संस्था अपने इलाके में किसी काम को पूरा करने की मांग करती थी, तो सरकार वहां काम करने वालों को रोज़गार देने के लिए बाध्य थी। इस कार्यक्रम ने भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने में मदद की।
यह आरोप लगाते हुए कि भाजपा सरकार ने इस कार्यक्रम का आधार डिमांड से हटा कर इसे आपूर्ति आधारित कार्यक्रम बना दिया है, जिससे यह प्रोग्राम कमज़ोर हो जाएगा। नए कानून के तहत फंड कहां आवंटित करना है, यह केवल सरकार की मर्ज़ी पर निर्भर करेगा और लोगों की ङिमांड के कोई मायने नहीं रह जाएंगे। लक्की ने राज्य सरकारों के योगदान को 10% से बढ़ाकर 40% करने की भी आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रावधान से रोज़गार गारंटी कार्यक्रम व्यावहारिक रूप से खत्म हो जाएगा । उन्होंने कहा कि ज़्यादातर राज्य बजट का 40% भुगतान कर ही नहीं पाएंगे क्योंकि वे पहले से ही संसाधनों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नए कानून से भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी।
चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने से बेहद नाराज़ थे। वे सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए तख्तियां लिए हुए थे और महात्मा गांधी के सम्मान में नारे लगा रहे थे।
अंत में, कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी सरकार की गरीब विरोधी और किसान विरोधी नीतियों को बेनकाब करने और मनरेगा कार्यक्रम को बहाल करने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
राजीव शर्मा, महासचिव और मुख्य प्रवक्ता, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस।


