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मलोया निवासियों का हुआ हाल बेहाल

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आज मीडिया द्वारा मलोया चंडीगढ़ का दौरा किया गया वहां जाकर पता लगा की जो प्रशासन द्वारा वहां की गरीब जनता को राशन दिया गया वह सभी लोगों तक नहीं पहुंच पाया यह वो लोग हैं जो 6 या 7 साल से यहां रह रहे हैं और इनका कभी राशन कार्ड बना ही नहीं लेकिन आधार कार्ड और पहचान पत्र सबके पास थे इनका कहना था की हमें सरकार या प्रशासन की तरफ से कोई भी सहायता नहीं मिली इनमें से कई लोग कबाड़ का काम करने वाले और कई दिहाड़ी दार मजदूर भी थे
जिनको राशन मिला या जिन को नहीं मिला इन सभी में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक रोष दिखाई दिया इन सभी मलोया निवासियों की शिकायत थी कि हमारे कॉन्सुलर साहब राजेश कालिया जो पहले मेयर भी रह चुके हैं

वह तो लॉक डाउन के चलते कभी किसी का हाल पूछने आए ही नहीं और ना ही उन्होंने अपनी शक्ल दिखाई
सभी मलोया निवासियों ने पुलिस अधिकारियों व डीएसपी मैडम पलक गोयल का बहुत-बहुत धन्यवाद किया और कहा की यहां की पुलिस ने पूरे लॉक डाउन में बहुत अच्छा काम किया है

दिन हो या रात हो पुलिस पूरी तरह से हमारे लिए जुटी हुई थी रोजाना सुबह और शाम दोनों वक्त पुलिस की गाड़ियां मोहल्ले की गलियों में आती थी और खुद डीएसपी मैडम भी साथ होती थी पुलिस प्रशासन की वजह से यहां पर स्थिति सामान्य बनी रही अगर पुलिस प्रशासन ना होता तो पता नहीं कितने केस आ जाते हम अपनी तरफ से पुलिस का धन्यवाद करते हैं

जनता के बाद संजय बिहारी जी और मलोया के प्रधान मदन जी से मुलाकात की गई मदन जी भारतीय जनता पार्टी के वाइस प्रधान रह चुके हैं उन्होंने बताया की संजय बिहारी और भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से यहां की गरीब जनता में समय-समय पर लंगर वितरित किया गया और जरूरत का सामान मुहैया करवाया गया लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या कारण है कि सभी लोगों को राशन नहीं मिल पाया तो उन्होंने कहा कि जिन लोगों को राशन नहीं मिल पाया है उनके लिए बीजेपी सरकार राशन कार्ड की योजना शुरू कर रही है और उन्हें उस कार्ड के जरिए आगे राशन मिल पाएगा लेकिन लॉक डाउन के अंदर क्यों लोगों को राशन नहीं मिल पाया इस बात का जवाब किसी के पास नहीं था

इसके चलते आज डीएसपी मैडम पलक गोयल से भी बातचीत की गई उन्होंने बताया कि लॉक डाउन से पहले इस इलाके में क्राइम और स्नैचिंग जैसी शिकायतें लगभग आती रहती थी परंतु लॉक डाउन को 2 महीने बीत चुके हैं इन 2 महीनों में क्राइम स्नैचिंग और नशा काफी हद तक कंट्रोल में रहा है सबसे अधिक यहां पर ड्रग्स का नशा किया जाता है और ड्रग्स का नशा करने वाले ज्यादातर 16 साल की उम्र के लड़के पाए जाते हैं मैडम ने बताया कि यहां की जनता ने पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग दिया है