मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के मिशन पर निकली शायना….
चंडीगढ़, 21 दिसंबर 2025: पूर्व कार्मेलाइट और शहर की 18 वर्षीय निवासी शायना मित्तल ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे युवाओं की मदद के लिए एक सशक्त मिशन की शुरुआत की है। यह पहल अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उनके अपने अनुभवों से प्रेरित है, जहां उन्होंने अकेलेपन और घबराहट जैसी स्थितियों को झेला और अंततः चंडीगढ़ लौटने का निर्णय लिया। चंडीगढ़ लौटकर उन्होंने अपनी ऊर्जा उद्यमिता की दिशा में लगाई और मात्र 18 वर्ष की आयु में इवेंट मैनेजमेंट कंपनी रेवेलिक इवेंट्स की स्थापना की।
उद्यमिता की इस यात्रा के साथ-साथ शायना के मन में हमेशा मानसिक स्वास्थ्य पर संवाद शुरू करने और किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहे युवाओं की सहायता करने की इच्छा रही है। इसी उद्देश्य के प्रति उनके जुनून ने उन्हें मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए एक अनूठा क्रिसमस फंडरेजर आयोजित करने का निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
शायना ने कहा, “मैंने वत्सल छाया ट्रस्ट के सहयोग से एक क्रिसमस फंडरेजर का आयोजन किया है। वत्सल छाया एक प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठन है, जो वंचित बच्चों और महिलाओं के लिए कार्य करता है। ‘सकुशल’ नामक इस पहल के तहत , कार्यक्रम के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के लिए धन एकत्र किया जाएगा। संचालन संबंधी खर्चों के बाद शेष राशि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के समर्थन हेतु वत्सल छाया ट्रस्ट को दान की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा, “वर्षभर चलने वाले ‘सकुशल प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत मैं वत्सल छाया ट्रस्ट की संस्थापक संगीता वर्धन जी के साथ मिलकर पॉडकास्ट, वेबिनार और जागरूकता सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित करूंगी। ये सत्र स्कूलों और कॉलेजों में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आज के युवाओं से जुड़े विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।”
शायना ने बताया कि आज के युवा अत्यधिक रूप से सोशल मीडिया के संपर्क में हैं और एक तेज रफ्तार जीवनशैली में जी रहे हैं, जहां त्वरित संतुष्टि सामान्य बात बन गई है। ऐसे में संघर्ष और सहनशीलता का तत्व अक्सर पीछे छूट जाते हैं , इस स्थिति के उत्पन्न होने का एक कारण अनजाने में माता-पिता द्वारा तैयार किया गया अत्यधिक आरामदायक माहौल भी है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “आज के युवाओं पर हर समय परफेक्ट दिखने, तुरंत सफलता पाने और कभी असफल न होने का दबाव रहता है। मैं स्वयं उस दबाव से गुज़री हूं और मैं युवाओं को बताना चाहती हूं कि संघर्ष करना ठीक है और अपनी तेज़ रफ्तार से दौढ़ती ज़िन्दगी को थोड़ा धीमा करना भी ठीक है। मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि साहस का अर्थ भय का न होना नहीं, बल्कि भय के बावजूद आगे बढ़ने का निर्णय लेना है।”
युवा उद्यमी शायना ने अपने इवेंट प्लानिंग के अनुभव का उपयोग करते हुए इस फंडरेजर को साकार किया, जिसमें भोजन, लाइफस्टाइल ब्रांड्स तथा आवश्यक उत्पादों और सेवाओं से जुड़े कुल 10 विविध स्टॉल लगाए गए। शायना ने कहा, “यह प्रदर्शनी केवल एक सामुदायिक अनुभव ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर सार्थक संवाद शुरू करने का एक मंच भी है।”
कार्यक्रम में विभिन्न बैंड्स द्वारा लाइव संगीत प्रस्तुतियां दी गई, जिससे आयोजन में विशेष ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। इसके अलावा, लोकप्रिय डीजे के साथ एक जोशीली सोशल नाइट भी आयोजित की गई, ताकि समुदाय की सहभागिता बढ़े और लोग इस पहल के समर्थन में एकजुट हो सकें।
इस फंडरेजर को कॉर्पोरेट जगत से भी प्रोत्साहन मिला। रियल एस्टेट संगठन वीआरएस, अल्केमिस्ट हॉस्पिटल, कंधारी बेवरेजेज, निक बेकर्स और क्राफ्ट्सी ने इस नेक उद्देश्य के लिए सहयोग प्रदान किया।


