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पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने किया एसोचैम “स्किलिंग फॉर एमएसएमई सेक्टर इन पंजाब” कॉन्क्लेव का शुभारंभ….

चंडीगढ़, 7 नवंबर 2025:द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया (एसोचैम) द्वारा पंजाब में “स्किलिंग फॉर एमएसएमई सेक्टर इन पंजाब” विषय पर कॉन्क्लेव का आयोजन सेक्टर 10 स्थित माउंट व्यू होटल में किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा शैक्षणिक विशेषज्ञ एक साथ आए और एमएसएमई के माध्यम से कौशल विकास और रोजगार क्षमता को सशक्त करने की रणनीतियों पर चर्चा की।एसोचैम की तरफ से एसोचैम के पंजाब स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन अभि बंसल, चंडीगढ़ यूटी काउंसिल के चेयरमैन राकेश भल्ला, चंडीगढ़ यूटी डेवलपमेंट काउंसिल के को-चेयरमैन डॉ. दृषमीत बुट्टर और पंजाब स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल के को-चेयरमैन इकबाल चीमा मौजूद रहे ।

कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय संजीव अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री फॉर इंडस्ट्री एंड कॉमर्स,आईटी, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन, पंजाब ने किया। उन्होंने एसोचैम को इस सार्थक और सही समय पर किए गए आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। अरोड़ा ने कहा कि बुनियादी शिक्षा और कौशल विकास (स्किल्स डेवलपमेंट) ही प्रगति की नींव हैं। उन्होंने कहा कि सीखना सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों और युवाओं को व्यावहारिक अनुभव और हाथों से काम करने का मौका भी मिलना चाहिए।

पंजाब की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए अरोड़ा ने कहा कि राज्य में एमएसएमई, रक्षा और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेज़ी से नए अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करना बहुत ज़रूरी है। युवाओं के लिए आत्मविश्वास और व्यवहारिक ज्ञान दोनों ही उतने ही महत्वपूर्ण हैं। मंत्री ने बताया कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो लगभग 30% रोजगार प्रदान करते हैं। पंजाब का एमएसएमई सेक्टर — खास तौर पर टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, ऑटो और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र — नवाचार और स्थायी रोजगार को बढ़ावा दे रहा है।

अरोड़ा ने उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आईटीआई व स्किल ट्रेनिंग सेंटर्स युवाओं को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए क्षेत्रों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सभी हितधारकों से मिलकर पंजाब को कुशल मानव संसाधन और नवाचार-आधारित उद्यमिता का केंद्र बनाने का आह्वान किया।

पंजाब डेवलपमेंट कमिशन की वाईस चेयरपर्सन सीमा बंसल ने एसोचैम का इस आयोजन के लिए आभार प्रकट किया और सरकार, शिक्षा जगत व उद्योग के बीच निरंतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि राज्य के स्किल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त किया जा सके।

एसोचैम पंजाब स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन अभि बंसल ने माननीय मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्किल प्रदाताओं और उद्योगों के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने यह भी बताया कि एसोचैम पंजाब के स्किल डेवलपमेंट रोडमैप को राज्य की औद्योगिक विकास दृष्टि से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

एसोचैम चंडीगढ़ यूटी काउंसिल के चेयरमैन राकेश भल्ला ने उद्योग जगत का दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि ऑटो कॉम्पोनेंट्स, ईवी, फूड प्रोसेसिंग और डिफेंस सेक्टर के एमएसएमई नवाचार और रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट औद्योगिक प्रगति की आधारशिला है और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने की आवश्यकता है।

एसोचैम चंडीगढ़ यूटी डेवलपमेंट काउंसिल के को-चेयरमैन डॉ. दृषमीत बुट्टर ने “स्किलिंग एंड एमएसएमई” विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यदि पंजाब के युवा कार्यबल को सही कौशल और मार्गदर्शन मिले, तो वे भारत के विनिर्माण विकास के प्रमुख चालक बन सकते हैं। उन्होंने एमएसएमई को डिजिटल और तकनीकी कौशल को अपने संचालन में शामिल करने और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए मेंटरशिप-आधारित मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया।

एसोचैम पंजाब स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल के को-चेयरमैन इकबाल चीमा ने धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए सरकार के साथ एमएसएमई इकोसिस्टम को सशक्त करने में एसोचैम की निरंतर भागीदारी का आश्वासन दिया।

सी-पाइट, पंजाब सरकार के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. आर.एस. मान, वीएसएम ने उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत संबंधों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं एनएसडीसी इंटरनेशनल के नॉर्थ हेड रजत भटनागर ने वैश्विक स्किलिंग और वर्कफोर्स डेवलपमेंट में पंजाब की बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित किया।

कॉन्क्लेव का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग के सहयोग से युवाओं को सशक्त किया जाएगा, एमएसएमई को मजबूती दी जाएगी और समावेशी औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।