लाइव कैलेंडर

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

एक्यूपंक्चर मेडिकल कैंप का सफल आयोजन…

चंडीगढ़। एक्यू हीलिंग वर्ल्ड, कंसल के द्वारा डॉक्टर कोटनीस एक्युपंचर अस्पताल, सलेम टाबरी, लुधियाना के सहयोग से चीन के लिए भारतीय चिकित्सा मिशन (1938-1942) की 87वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में रविवार को मुफ्त एक्यूपंक्चर मेडिकल कैंप कांसल , खरड़ में आयोजित किया गया। इस कैंप में उत्तर भारत में एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति के संस्थापक तथा डॉ. कोटनीस चैरिटेबल एक्युपंचर हॉस्पिटल, लुधियाना के डायरेक्टर डॉ इंद्रजीत सिंह ने बतौर मुख्य मेहमान शिरकत की। कैंप का आरंभ डॉ. कोटनिस अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ संदीप कुमार (एक्यू हीलिंग वर्ल्ड, कंसल), डॉ. बलजिंदर सिंह ढिल्लों के द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा की एक्यूपंक्चर चिकित्सा प्रणाली हर प्रकार की बीमारियों को ठीक करने में पूर्ण रूप से कारगर है तथा एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति बिना दवाई तथा बिना ऑपरेशन के सिद्धांत पर कार्य करती है जिसका शरीर के ऊपर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता तथा यह अन्य इलाज की तुलना में बहुत ही कम खर्चे वाला है। इस अवसर पर बोलते हुए डॉक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि हमारी संस्था पिछले 50 वर्षों से मानवता की सेवा के लिए कार्य कर रही है तथा यह कैंप अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी डॉ. द्वारकानाथ कोटनीस तथा डॉ. विजय कुमार बासु की याद में लगाया गया है,

जिस प्रकार उन्होंने 1938 से 1942 तक चीन में मानवता की सेवा करते हुए हिंद-चीन दोस्ती तथा मानवता की सेवा की एक मिसाल कायम की थी उन्हीं के इस मिशन को आगे बढ़ते हुए डॉ. कोटनीस एक्यूपंक्चर अस्पताल की ओर से पूरे भारत में मुफ्त एक्यूपंक्चर कैंप लगाए जा रहे हैं। इस कैंप में कमर दर्द, रीड का दर्द, सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस जोड़ों का दर्द,सांस की तकलीफ दमा आदि का इलाज एक्यूपंक्चर चिकित्सा प्रणाली के द्वारा बिल्कुल मुफ्त किया गया। इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार (एक्यू हीलिंग वर्ल्ड) तथा डॉ. बलजिंदर सिंह ढिल्लों ने कैंप में अपनी मुफ्त सेवाएं प्रदान की। कैंप में लगभग 68 मरीजों का इलाज बिल्कुल मुफ्त किया गया। कैंप को सफल डॉ. संदीप कुमार तथा उनकी पूरी टीम, गगन भाटिया राजन आदि ने विशेष रूप से योगदान दिया।